नोटबंदी के दौरान 1.7 लाख करोड़ रुपए की असामान्य नकदी जमा: RBI

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Saturday, August 12, 2017-10:46 AM

नई दिल्लीः नोटबंदी के दौरान विभिन्न बैंकों में 1.6 से 1.7 लाख करोड़ रुपए की  ‘‘असामान्य’’ नकद राशि जमा की गई। रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर रखे गए एक शोध पत्र में यह निष्कर्ष निकाला गया है। शोध-पत्र में यह भी कहा गया है कि नोटबंदी के बाद बैंकिंग तंत्र में अनुमानित 2.8 से लेकर 4.3 लाख करोड़ रुपए तक की नकदी अधिक मात्रा में जमा हुई। ‘नोटबंदी और बैंक जमा में वृद्धि’ नामक इस शोध -पत्र में कहा गया है, ‘‘कुछ खास खातों में कुल मिला कर 1.6- 1.7 लाख करोड़ रुपए के दायरे में ‘‘असामान्य’’ नकदी जमा हुई। ये खाते ऐसे हैं जिनमें लेन देन आमतौर पर कम ही होता रहा है।’’
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नोटबंदी कालेधन पर बड़ा प्रहार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपए के नोट को चलन से हटाने की घोषणा की। इन नोटों का कुल मूल्य 15.4 लाख करोड़ रुपए था और उस समय प्रचलन में रहने वाले कुल नोट में इस मूल्य वर्ग के नोटों का 86.9 प्रतिशत हिस्सा था। नोटबंदी को कालाधन, नकली मुद्रा और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का बड़ा कदम माना गया। इसमें कहा गया है कि नोटबंदी की अवधि (11 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016) के दौरान बैंकिंग तंत्र में अतिरिक्त नकद जमा में वृद्धि 4 से 4.7 प्रतिशत के बीच रही है। यदि इसमें फरवरी मध्य 2017 तक की अवधि को भी शामिल कर लिया जाए तो यह वृद्धि 3.3 से 4.2 प्रतिशत के दायरे में रही है। इस अवधि को कुछ और बढ़ा कर मार्च 2017 के अंत तक के रुझानों को देखा जाए तो यह 3.0-3.8 प्रतिशत के दायरे में रहेगी।

बैंक जमा में वृद्धि
दस्तावेज के मुताबिक  नोटबंदी अवधि में सकल जमा में सालाना आधार पर 14.5 प्रतिशत वृद्धि हुई जबकि एक साल पहले इसी अवधि (11 नवंबर से 30 दिसंबर ,2015के दौरान) इसमें 10.3 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। इसमें कहा गया है कि कुल मिलाकर, नोटबंदी के दौरान बैंक जमा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। शोध पत्र कहता है कि यदि इस स्थिति को बनाए रखा जाता है तो इसका वित्तीय बचत और पूंजी बाजार में इसके इस्तेमाल की दिशा में सकारात्मक प्रभाव होगा। 

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