कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए मिस्र से आयात किया गया 2,400 टन प्याज

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Saturday, September 02, 2017-8:30 AM

नई दिल्ली: प्याज कीमत में तेजी को लेकर चिंतित सरकार ने कहा कि इसकी घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए निजी व्यापारियों द्वारा मिस्र से 2,400 टन प्याज का आयात किया गया है। सरकार ने संकेत दिया है कि यदि कीमतें अधिक बढ़ती हैं तो और भी आयात की व्यवस्था की जा सकती है। उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय प्याज कीमतों की करीब से निगरानी कर रहा है। जो गुणवत्ता के आधार पर अधिकांश खुदरा बाजारों में प्याज 40 से 50 रुपए प्रति किलो के बीच बिक रहा है।

दूसरी खेप बी जलद आने की तैयारी
व्यापारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘मिस्र से आयात हो रहा है। निजी व्यापारियों ने पहले ही 2,400 टन के लिए आर्डर किया हुआ है। इसके खेप मुंबई बंदरगाह पर उतर रही है।’’ उन्होंने कहा कि प्याज के आयात की 9,000 टन की एक और खेप के जल्द आने की उम्मीद है। अगर प्याज की कीमतों में असामान्य ढंग से आगे और वृद्धि होती है तो निजी व्यापारियों को पड़ोसी देशों से और आयात को तैयार रहने को कहा गया है।

सट्टेबाजी की वजह से है कीमतों में तेजी
उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव अविनाश के श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक में आयात संबंधी मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। वाणिज्य एवं कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और निजी व्यापारी इसमें उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सरकार निजी व्यापार के जरिए आयात की सुविधा देगी। उन्होंने कहा, ‘‘प्याज के आयात के लिए सार्वजनिक व्यापार एजेंसियों को साथ लेने का अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है।’’ अधिकारी ने यह भी कहा कि प्याज के मूल्य में तेजी सट्टेबाजी की वजह से है क्योंकि बुनियादी स्थिति ऐसी तेजी का कारण नहीं हो सकती। खरीफ की नई फसल पिछले वर्ष से कहीं बेहतर है। उन्होंने कहा कि राज्यों को सट्टेबाजी को रोकने के लिए प्याज व्यापारियों पर स्टॉक रखने की सीमा को लागू करने को कहा गया है तथा प्याज के निर्यात को रोकने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। देश ने सार्वजनिक और निजी एजेंसियों दोनों ही मार्ग से वर्ष 2015 में प्याज का आयात किया था।

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