8 लाख करोड़ के NPA का होगा निपटान, RBI उठाएगा यह खास कदम

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Monday, July 17, 2017-9:35 AM

नई दिल्लीः गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एन.पी.ए.) के बोझ से दबे भारतीय बैंकों को राहत प्रदान करते हुए रिजर्व बैंक मार्च 2019 तक करीब आठ लाख करोड़ रुपए के एन.पी.ए. पर दिवालिया कानून के तहत कार्रवाई की अनुमति दे सकता है जिससे वित्त वर्ष 2019-20 तक यह समस्या काफी कम हो जाएगी।

2019 तक हो जाएगा NPA का निपटान
भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य संगठन एसोचैम ने अपने अध्ययन ‘एन.पी.ए. रिजोल्यूशन (लाईट एंट द इंड ऑफ टनेल बाई मार्च 2019)’ में कहा है कि मार्च 2019 तक आठ लाख करोड़ रुपए के एन.पी.ए. का मामला निपट सकता है जिससे बैंकों की स्थिति में अपेक्षाकृत सुधार आ सकता है। उद्योग संगठन के अनुसार यह कहना उचित होगा कि वित्त वर्ष 2019-20 तक एन.पी.ए. की समस्या का कमोबेश निपटान हो जाएगा।
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दिवालिया कानून के तहत होगा निपटान
रिपोर्ट जारी करते हुए एसोचैम के महासचिव डी एस रावत ने कहा कि मार्च 2017 में खत्म हुई 16 माह की परिसंपत्ति गुणवत्ता समीक्षा ने एन.पी.ए. को सार्वजनिक किया और अब बैंकिंग प्रणाली को दुरूस्त करने के लिए इसका निपटारा करना आवश्यक है। इसी दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाते हुए रिजर्व बैंक को कई अधिकार दिए। अगले दो साल में आठ लाख करोड़ रुपए के एन.पी.ए. का निपटान शोधन अक्षमता एवं दिवालिया कानून तथा स्ट्रैटजिक डेट रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम या कॉरपोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग के तहत किया जाएगा। एन.पी.ए. में 10 करोड़ और उससे अधिक राशि के रिण 79 फीसदी है। आयरन और स्टील 26.1 प्रतिशत, आधाभूत ढांचा 11.8 प्रतिशत, कृषि 9.7 प्रतिशत और कपड़ा क्षेत्र 6.6 प्रतिशत  जोखिम में फंसी परिसंपत्तियों के मामले में सबसे आगे हैं। 
 

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