खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी की जरूरत: पवार

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Tuesday, August 20, 2013-3:00 AM

नई दिल्ली: कृषि मंत्री शरद पवार ने आज कहा कि भारत को कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा जलवायु परिवर्तन और घटती कृषि भूमि उपलब्धता से उत्पन्न होने वाली खाद्य सुरक्षा के खतरे से निपटने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी अपनानी चाहिये।

पवार ने यहां बोनलॉग ग्लोबल रस्ट इनीशिएटिव (बीजीआरआई) प्रौद्योगिकी कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा, आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाना अनिवार्य हो गया है जो हमें जलवायु परिवर्तन, घटती कृषियोग्य भूमि, कीटों आदि के कारण खाद्य सुरक्षा को आने वाले खतरे से निपटने लायक बनायेगा। ै

खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पवार ने कहा कि वर्ष 2013 में वैश्विक गेहूं उत्पादन करीब 70.4 करोड़ टन होगा जो 6.8 प्रतिशत की वृद्धि को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा, अगर मांग विकास दर स्थिर रहेंगे तो वर्ष 2050 तक वैश्विक गेहूं खपत 88 करोड़ टन के स्तर को लांघ जायेगी।

नोबल पुरस्कार से सम्मानित नारमन बोरलॉग के योगदान को रेखांकित करते हुए पवार ने कहा कि उन्होंने यूजी.99 पर दुनिया में सभी गेहूं पर हुए शोध को एकत्रित किया। यूजी.99 1990 के दशक में गेहूं का बेहद खतरनाक रोग था।


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