आरबीआई के तेवर ढीले, 8,000 करोड़ के खरीदेगा बांड

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Wednesday, August 21, 2013-3:17 AM

मुंबई: गिरते रुपए को थामने के लिए किए गए उपायों की वजह से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ रही है। ऐसे में रिजर्व बैंक ने नकदी की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाने की आज घोषणा की। केंद्रीय बैंक ने नकदी की स्थिति सुधारने तथा अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों को ऋण का उचित प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए 8,000 करोड़ रुपए के बांडों की पुर्नखरीद की घोषणा की है। केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा कि वह प्रणाली में नकदी डालने के लिए 23 अगस्त को खुले बाजार की खरीद के जरिये 8,000 करोड़ रुपए के सरकारी बांड खरीदेगा। रिजर्व बैंक ने कहा है कि जरूरत होने पर ऐसे ही और खुले बाजार परिचालन ‘ओएमओ’ किए जाएंगे। ये कदम बाजार में तरलता की स्थिति को सुधारने के लिए उठाया गया है। रिजर्व बैंक ने रुपए की विनियम दरों में उतार-चढ़ाव पर अंकुश के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे बाद नकदी की स्थिति सख्त हुई है।

प्रवासी भारतीयों के लिए पोर्टफोलियो निवेश योजना:  रिजर्व बैंक ने देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाने के लिये आज प्रवासी भारतीयों द्वारा शेयरों और बांड में किये जाने वाले निवेश के नियमों को और सरल कर दिया। प्रवासी भारतीयों द्वारा देश में किये जाने वाले पोर्टफोलियो निवेश के बैंकों को अब तक उनकी प्रत्येक शाखा के लिये एक विशिष्ट कोड दिया गया है जिसकी वजह से बैंकों के लिये इस योजना को चलाना मुश्किल हो रहा था। रिजर्व बैंक ने इस मामले में बैंकों को अब छूट देते हुये उसे अपनी शाखाओं को इस योजना को चलाने की छूट देने की आजादी दे दी है। रिजर्व बैंक की अधिसूचना में कहा गया है कि बैंक की प्राधिकृत शाखायें प्रवासी भारतीय आवेदनकर्ताओं को भारतीय कंपनियों के शेयरों, परिवर्तनीय डिबैंचरों की बिक्री अथवा खरीद के लिये एकबारगी अनुमति देंगे। खरीदे गये शेयरों अथवा डिबैंचर को प्रवासी भारतीय के नाम पर पंजीकृत किया जायेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि प्रवासी भारतीयों द्वारा खरीदे गये ऐसे शेयरों को रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना किसी तीसरे पक्ष को कर्ज देने के एवज में गिरवी नहीं रखा जा सकेगा।

रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से सुधरा रुपया:
जोरदार गिरावट के बाद आज रुपए के शेयरों तथा बांडों में अंत में कुछ सुधार देखा गया। एक समय कारोबार के दौरान रुपए 64 डालर के स्तर को लांघकर 64.13 प्रति डालर के निचले स्तर तक चला गया, लेकिन बाद में रिजर्व बैंक द्वारा डालर की ताबड़तोड़ बिकवाली से रुपए कुछ सुधरा। इसी तरह पहली बार रुपए पौंड के मुकाबले 100 प्रति पौंड के स्तर तक नीचे चला गया।

कार लोन और पर्सनल लोन के लेंडिंग रेट बढ़ेगी: डॉलर के मुकाबले रुपए का लगातार स्तर गिरने के बाद नए लोन पर इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट(ईएमआई) और ब्याज रेट महंगा होने के आसार हैं। रुपया मंगलवार को डॉलर के मुकाबले 64 पार तक चल गया। प्राइवेट बैंक पहले ही बेस रेट बढ़ा चुके हैं। बेस रेट बढऩे से लोन का सीधा संबंध होता है। बेस रेट बढऩे का मतलब है कि होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन के लेंडिंग रेट बढ़ जाएंगे। दो बड़े बैंक एसबीआई (पब्लिक सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक) और आईसीआईसीआई बैंक ( प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक) देश में सबसे ज्यादा लोन देते हैं। इन बैंकों की तरफ से कोई घोषणा होती है, तब सबसे ज्यादा लोगों पर असर पड़ता है। आईसीआईसीआई लेंडिंग रेट बढ़ा चुका है।

Edited by:Sanjeev

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