2जी मामले में अनिल अंबानी बोले, 'मुझे कुछ याद नहीं'

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Friday, August 23, 2013-4:18 AM

नई दिल्ली: रिलायंस एडीएजी के अध्यक्ष अनिल अंबानी आज 2जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर पेश हुए और कहा कि उन्हे आरएडीएजी की सहयोगी कंपनी कहे जाने वाली एक कंपनी की विभिन्न बोर्ड बैठकें ‘‘याद’’ नहीं क्योंकि उसके विवरण उन्होंने ‘‘तैयार नहीं’’ किये थे।  

सीबीआई के  गवाह के तौर पर पेशी से बचने को लेकर उच्चतम न्यायालय से कोई भी राहत नहीं मिलने के बाद अंबानी पहली बार गवाह के तौर पेश हुए। विशेष लोक अभियोजक यू यू ललित ने कंपनी की वर्ष 2005-2006 की बैठकों का विवरण दिखाया तो अंबानी ने कहा कि उन्हें एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज :प्राइवेट: लिमिटेड की प्रत्येक बैठक याद नहीं।

उन्होंने विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओ पी सैनी से कहा, ‘‘मैं काफी संख्या में बैठकों में शामिल होता हूं और मुझे याद नहीं। मैं रिकार्ड के अनुसार ही आगे बढ़ रहा हूं।’’  इस पर न्यायाधीश ने अंबानी से कहा कि यद्यपि उन्हे इन बैठकों के बारे में याद नहीं जिसमें वह मौजूद थे लेकिन रिकार्ड झूठे नहीं हो सकते।   न्यायाधीश ने अंबानी से पूछा, ‘‘लेकिन आप झूठे रिकार्ड तो नहीं बनाते होंगे। आपके रिकार्ड तो सही होंगे।’’  अंबानी ने न्यायाधीश के सवाल के जवाब में कहा, ‘‘रिकार्ड सही होने चाहिए।’’

अंबानी ने कहा, ‘‘महोदय मैं कुछ स्वीकार करना चाहता हंू। पहला यह कि अभी मुझे कुछ याद नहीं। दूसरा यह कि विवरण मैंने तैयार नहीं किया था। यह लिपिकीय कर्मचारियों द्वारा तैयार किया जाता है। मुझे याद नहीं है और मैं बैठक का विवरण तैयार नहीं करता।’’ गवाही दर्ज होना शुरू होते ही ललित ने अंबानी से वर्ष 2005 से एएए कंसल्टेंसी सर्विसेज :प्राइवेट: लिमिटेड की आयोजित हुई बोर्ड बैठकों के बारे में पूछा। अभियोजन द्वारा अंबानी से पूछताछ जारी रहेगी।

सीबीआई की एक याचिका पर रिलायंस एडीएजी अध्यक्ष अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी को मामले में गवाह के रूप में पेश होने के लिए सम्मन जारी किया गया था। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि उनकी गवाही से उनके समूह की कंपनियों द्वारा स्वान टेलीकॉम में कथित रूप से 990 करोड़ से अधिक के निवेश पर प्रकाश डाला जा सकता है।

विशेष अदालत ने 19 जुलाई को अपने आदेश में कहा था कि इस मामले में अनिल अंबानी, टीना और 11 अन्य को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर बुलाने का केन्द्रीय जांच ब्यूरो का अनुरोध स्वीकार कर लिया था। अदालत ने कहा था कि इस मामले में उचित निर्णय पर पहुंचने के लिए यह जरूरी है।


निचली अदालत ने कल 2जी घोटाला मामले में अतिरिक्त गवाहों अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी की पेशी की तारीख आगे बढ़ाने संबंधी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड की अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि इन गवाहों से पूछताछ से किसी आरोपी पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को उच्चतम न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली थी।

न्यायालय ने उसकी उस याचिका पर कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया जिसमें अनिल अंबानी और अन्य गवाहों को 2जी मामले में गवाह के तौर पर सम्मन जारी करने के निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था।


रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने गत 17 अगस्त को इस अनुरोध के साथ विशेष सीबीआई अदालत का दरवाजा खटखटाया था कि उसे उच्चतम न्यायालय में उनकी उस याचिका के परिणाम का ‘‘इंतजार’’ करना चाहिए जिसमें उन्होंने अनिल और टीना अंबानी सहित अतिरिक्त गवाहों को सम्मन करने को चुनौती दी है।

निचली अदालत ने 19 जुलाई के अपने आदेश में सीबीआई की उस दलील का हवाला दिया था, जिसमें कहा गया था कि मामले में सही फैसले पर पहुंचने के लिए अनिल अंबानी, टीना अंबानी और 11 अन्य को अभियोजन के गवाहों के तौर पर बुलाना जरूरी है।

अदालत ने अनिल अंबानी को आज बयान दर्ज कराने के लिए सम्मन जारी किया था जबकि टीना अंबानी को अपनी गवाही दर्ज कराने के लिए कल अदालत में पेश होने को कहा गया है। आरटीएल के साथ ही पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक सांसद कनिमोई  2जी मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

 


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