गरीबों की संख्या में 2.2 प्रतिशत की कमी आई

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Thursday, August 22, 2013-2:54 PM

नई दिल्ली: देश में गरीबी रेखा के नीचे 21.9 प्रतिशत लोग जीवन यापन कर रहे हैं। यह अनुमान योजना आयोग ने 2011-12 में लगाया था। संसदीय कार्य और योजना राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में आज बताया कि गरीबी की सीमा का अनुमान सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के सर्वेक्षणों के आधार पर लगाया जाता है।

योजना आयोग ने गरीबी के अनुमान के लिए 2005 में प्रोफेसर सुरेश डी. तेंदुलकर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। समिति ने 2004-05 की कीमतों पर गरीबी रेखा के रप में ग्रामीण क्षेत्र के लिए 447 रुपए और शहरी क्षेत्रों के लिए 579 रुपए मासिक प्रति व्यक्ति व्यय की सिफारिश की। जिसे आयोग ने स्वीकार कर लिया था।

उन्होंने बताया कि देश में 2004-05 से 2011-12 के बीच प्रति व्यक्ति आय 6.7 प्रतिशत बढ़ी है जबकि गरीबों के प्रतिशत में 2.2 प्रतिशत की कमी आई है।


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