रिजर्व बैंक के कदमों से मुद्रास्फीति नीचे लाने में भी मदद मिलेगीः चिदंबरम

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Saturday, August 24, 2013-1:27 AM

नई दिल्ली: वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आज कहा कि रुपये में उतार चढाव रोकने के लिये रिजर्व बैंक के नकदी में सख्ती के उपायों से मुद्रास्फीति में नरमी लाने में भी मदद मिलेगी।

चिदंबरम ने लोकसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया, नकदी में सख्ती लाने के उपाय हालांकि मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए किए गये हैं लेकिन इसका मुद्रास्फीति को नीचे लाने में भी अनुकूल असर होगा। मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी से रुपये पर दबाव बढ़ते देख रिजर्व बैंक ने नकदी सोखने के कई कदम उठाये। केन्द्रीय बैंक ने बैंकों के लिये सीमांत स्थाई सुविधा यानी एमएसएफ दर में वृद्धि की है।

इस सुविधा के तहत बैंक रिजर्व बैंक से अपनी फौरी आवश्यकता के लिये नकदी उधार लेते हैं। इसके अलावा बैंकों से कहा गया है कि वह नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) राशि को दैनिक आधार पर निर्धारित दर का 99 प्रतिशत पर रखें। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर पांच महीने के उच्च स्तर 5.79 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे पहले जून में यह 4.86 प्रतिशत पर थी।

चिदंबरम ने आगे कहा कि सरकार मुद्रास्फीति और विशेषकर खाद्य मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए समय समय पर कई वित्तीय और प्रशासनिक उपाय करती रही है। इन उपायों में गेहूं, प्याज और दलहन आयात पर शुल्क घटाकर शून्य करना और खाद्य तेल तथा दलहन के निर्यात पर रोक लगाना शामिल है।

थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जुलाई माह में दहाई अंक से आगे बढ़कर 11.91 प्रतिशत पर पहुंच गई। रुपया कल कारोबार के दौरान एक समय 65.56 रुपये के निचले स्तर को छूने के बाद कारोबार की समाप्ति पर 65.55 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि आज इसमें और सुधार आया है।


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