चिदंबरम बोले, अब तो दे दो टैक्स

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Thursday, August 29, 2013-11:04 AM

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय की तरफ से उन लोगों को पत्र भेजा गया है जो अप्रत्यक्ष कर चुकाने में गड़बड़ी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ऐसा पहली बार हुआ है जब वित्त मंत्रालय सेवा कर, कस्टम और उत्पाद कर डिफॉल्टरों से अनुरोध कर रहा है कि वे अपने टैक्स का भुगतान कर दे। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय के आधीन केंद्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई), राजस्व खुफिया महानिदेशालय (डीजीआरआई), सेवा कर कमिश्नर और केंद्रीय उत्पाद कर के जरिये इन पत्रों को भेजा जा रहा है।

 

सूत्रों के अनुसार कंपनियों और लोगों को संबोधित इन पत्रों में उनके संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और टैक्स न भरने पर सफाई मांगी गई है। वहीं खुफिया वित्तीय एजेंसियां इसे काला धन मान रही हैं। फिलहाल यह नहीं पता लग पाया कि कितने पत्र जारी किए गए हैं। लगभग 12 लाख लोगों द्वारा सेवा कर रिटर्न भरना बंद करने के बाद वित्त मंत्रलय ने यह फैसला लिया है।

 

अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों को पत्र भेजा गया है, उन्हें बुलाया नहीं जाएगा। वे पत्र भेजकर अपनी दिक्कतें हमें बता सकते हैं। वित्तीय खुफिया यूनिट (एफआइयू) की संदिग्ध लेन-देन रिपोर्ट (एसटीआर) के आधार पर चिदंबरम ने पत्र भेजने का विचार दिया था।


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