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2013-14 के लिए 8.5 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे सकता है ईपीएफओ

  • 2013-14 के लिए 8.5 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे सकता है ईपीएफओ
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Sunday, September 08, 2013-10:56 AM

नई दिल्ली: सेवानिवृत्ति कोष प्रबंधक कर्मचारी भविष्य निघि संगठन (ईपीएफओ) 2013-14 में भविष्य निधि के लिये 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की घोषणा कर सकता है। पिछले वित्त वर्ष में भी इसी दर से ब्याज दिया गया था।

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती अनुमानों से यह संकेत मिलता है कि ईपीएफओ के पांच करोड़ अंशधारकों को 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान करने से संगठन को किसी तरह का घाटा नहीं उठाना पड़ेगा बल्कि यह फैसला यदि लिया जाता है तो इससे ईपीएफओ के पास कुछ राशि अधिशेष रह जायेगी। सूत्रों का कहना है कि ब्याज दर को मामूली तौर पर बढ़ाकर 8.75 प्रतिशत करने से ईपीएफओ को घाटा हो सकता है और यह वित्त मंत्रालय को स्वीकार नहीं होगा।

ईपीएफओ अपनी श्रम मंत्री के नेतृत्व वाले केन्द्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक 23 सितंबर को बुला सकता है। यह इसकी निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। बैठक में ब्याज दर के बारे में निर्णय लिया जा सकता है। बैठक के दौरान ट्रस्टी ईपीएफओ की सलाहकार समिति वित्त और निवेश समिति (एफआईसी) का पुनर्गठन करेंगे। यह समिति केन्द्रीय न्यासी बोर्ड को ब्याज दरों के बारे में सिफारिश देगी। ईपीएफओ ने हाल ही में जून में सीबीटी का नये सिरे से गठन किया है।

शीर्ष संस्था का नये सिरे से गठन होने के साथ ही इससे जुड़ी दूसरी उप समितियों भी स्वत: ही निरस्त हो जाती हैं और इनका भी पुनर्गठन करना होता है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत ईपीएफओ को वित्त एवं निवेश समिति के समक्ष अपना प्रस्ताव रखना होता है जिसके बाद अंतिम निर्णय लेने के लिये इसपर केन्द्रीय न्यासी बोर्ड विचार करता है। मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय के पास उसकी संस्तुति के लिये भेजा जाता है।

सूत्रों के अनुसार वित्त एवं निवेश समिति के पुनर्गठन के बाद दिवाली से पहले किसी समय सीबीटी की बैठक होगी, जिसमें चालू वित्त वर्ष के लिये भविष्य निधि पर ब्याज दर को मंजूरी दी जायेगी। ईपीएफओ ने 2012-13 के लिये अपने अंशधारकों को 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जो कि इससे पिछले साल के 8.25 प्रतिशत ब्याज की तुलना में अधिक है।

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