आने वाले सप्ताह विदेशी घटनाक्रम तय करेंगे बाजार की चाल

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Sunday, September 08, 2013-2:36 PM

मुंबई: आने वाले सप्ताह घरेलू कारणों की बजाए सीरिया के खिलाफ किसी तरह की सैनिक कार्रवायी या फिर अमेरिकी फेड रिजर्व की ओर से प्रोत्साहन पैकेज वापसी का संभावित कदम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है जिससे इनमें खासी उथल पुथल दिख सकती है।

विश्वभर के देशों के विरोध के बावजूद अमेरिका जैविक हथियारेां के मसले को लेकर सीरिया पर हमला करने की तैयारी में है। ऐसा कोई भी कदम वैश्विक बाजारो समेत घरेलू बाजार में भी जलजला ला सकता है। उधर प्रोत्साहन पैकेज से अमेरिकी फेड रिजर्व के कदम वापस खींचने का भी नकारात्मक असर पडेगा। लिहाजा ये दोनो कारण बाजार की सेहत किसी भी हद तक बिगाड सकते हैं।

हालांकि रिजर्व बैंक के नए गवर्नर रघुराम राजन की ओर से रुपए में स्थिरता लाने तथा वित्तीय प्रबंधन को दुरस्त करने के उपायो की घोषणा से शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सप्ताह बाजार अच्छी बढत लेकर बंद हुए। डॉलर के मुकाबले रुपए ने भी मजबूती दर्ज की। बाम्बे स्टाक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 651 अंक बढकर 21 सप्ताह की सर्वाधिक तेजी के साथ 19270.06 अंक के स्तर पर और नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 201.80 अंक चढकर 5673.60 अंक के स्तर पर रहा।

बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप क्रमश 2.84 और 2.94 प्रतिशत की तेजी पर रहे। बैकिंग, पीएसयू, तेल एवं गैस, केपिटल गुड्स, धातु, पावर और रियलटी वर्ग में जोरदारी लिवाली के दम पर सेंसेक्स दोबारा 19 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुंचने में कामयाब रहा। सप्ताह के दौरान पांच में से चार कारोबारी सत्र बाजार बढत में रहे। अगस्त के आखिरी सप्ताह 68.85 रुपए प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर तक उतरा रुपया भी मजबूत होकर 65.23 रुपए प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।


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