भारत ने याहू से औसतन हर रोज आठ लोगों के बारे में जानकारी मांगी

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Sunday, September 08, 2013-4:29 PM

नई दिल्ली: इंटरनेट सर्च सेवा कंपनी याहू ने बताया है कि भारत सरकार ने इस साल जनवरी से जून 2013 के दौरान औसतन हर रोज आठ लोगों के सम्बंध में उससे जानकारी मांगी जो उसके नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। इनमें से ज्यादा तर मामले आपराधिक जांच से जुड़े थे। इस अमेरिकी कंपनी ने अपनी पहली पारदर्शिता रपट में कहा है कि भारत सरकार ने इस दौरान 2,704 उपयोगकर्ताओं के खाते के संबंध में 1,490 आवेदन किए।

याहू ने एक बयान में कहा ‘‘याहू में हम उपयोगकर्ताओं की निजता को गंभीरता से लेते हैं और हम जहां कारोबार करते हैं वहां वैविश्क कंपनी के तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में अपनी भूमिका का सम्मान करते हैं।’’ कंपनी ने कहा ‘‘इसलिए हम अपनी पहली वैश्विक पारदिर्शता रपट जारी कर रहे हैं जिसमें एक जनवरी 2013 से लेकर 30 जून 2013 के बीच सरकारों द्वारा मांगी गई जानकारियों का ब्यौरा दिया गया है। हमने अपने आंकड़े में राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में मांगी गई जानकारियों को भी शामिल किया है।’’

भारत सरकार जितने उपयेागकर्ताओं के संबंध में जानकारी मांगी थी उनमें से 500 को याहू ने खारिज कर दिया था जबकि इस साल जनवरी से लेकर जून के दौरान 341 उपयोकर्ताओं के संबंध में जानकारी मुहैया कराई गई। कंपनी ने कहा कि 494 मामले में भारत सरकार को नॉन-कंटेंट डाटा (एनसीडी) मुहैया कराए। एनसीडी ऐसे आंकडें हैं जिसमें उपयोगकर्ता की मूल जानकारी मुहैया कराई जाती है और इसमें पंजीकरण का समय, ईमेल पता, नाम, स्थान, आईपी ऐड्रेस आदि शामिल होते हैं।


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