गरीब भी खोल सकते हैं विदेशी बैंकों में शून्य अधिशेष खाता : आरबीआई

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Wednesday, September 11, 2013-9:42 PM

मुंबई : देश में कमजोर तबके से जुड़े गरीब लोग भी एचएसबीसी, सिटीबैंक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड जैसे विदेशी बैंकों में शून्य अधिशेष खाता खोल सकते हैं और एटीएम सह डेबिट कार्ड की सुविधा उठा सकते हैं। रिजर्व बैंक ने आज कहा कि उसका ‘मूल बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडीए)’ संबंधी दिशानिर्देश भारत में ‘‘सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों पर लागू है जिसमें भारत में शाखाएं चलाने वाले विदेशी बैंक भी शामिल हैं।’’

बीएसबीडीए योजना के तहत गरीब या कमजोर तबगे से जुड़े लोगों सहित कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक में शून्य अधिशेष खाता खोल सकता है। आरबीआई ने कहा, ‘‘बैंकों को परामर्श दिया जाता है कि वे बीएसबीडीए खोलने के लिए व्यक्ति पर उम्र और आय के मानदंड जैसी पाबंदियां न लगाएं।’’ बीएसबीडीए स्कीम में उपलब्ध सेवाओं में नकदी जमा व निकासी, इलेक्ट्रानिक भुगतान चैनलों के जरिए धन की प्राप्ति, चेकों को जमा करना व संग्रह व एटीएम कार्ड शामिल है। हालांकि, ‘मूल बचत बैंक जमा खाता’ धारक उस बैंक में कोई अन्य बचत खाता खोलने के लिए पात्र नहीं होंगे।


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