सेवाकर चोरी रोकने के लिए सरकार बना सकती है नयी खुफिया इकाई

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Sunday, September 15, 2013-5:19 PM

नई दिल्ली: सेवाकर से राजस्व बढऩे की उम्मीद लगाए बैठा वित्त मंत्रालय अप्रत्यक्ष कर में किसी भी तरह की चोरी रोकने के लिए एक नई खुफिया इकाई गठित कर सकता है। हाल ही में सीमा शुल्क, केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर के मुख्य आयुक्तों एवं महानिदेशकों की एक बैठक में इस तरह की एक अलग इकाई गठित करने का मुद्दा उठा।

बैठक में मुंबई स्थित सेवाकर महानिदेशालय के अधिकारों को बढ़ाकर उसे खुफिया इकाई का काम सौंपने की सिफारिश की गई। सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में एक प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को दिया जा चुका है। सेवाकर महानिदेशालय केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त कार्यालयों के बीच समन्वय बिठाता है। साथ ही यह सेवाकर संग्रह एवं आकलन पर भी नजर रखता है।

दो दिन की बैठक के दौरान एक अलग सेवाकर खुफिया संगठन एवं सेवाकर आयुक्त कार्यालयों के अधीन विशेष समूहों के गठन का सुझाव दिया गया। उल्लेखनीय है कि आउटडोर कैटरिंग, रेस्तरां एवं पर्यटन सहित 100 से अधिक सेवाओं पर सेवाकर लगता है। सेवाकर भुगतान में चूक करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए वित्त मंत्रालय ने करीब 12 लाख ऐसे सेवा कर निर्धारितियों का पता लगाने का निर्णय किया है जिन्होंने रिटर्न दाखिल करना बंद कर दिया है।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 17 जुलाई को इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि भविष्य में सेवा कर से राजस्व बढना ही बढना है। इस समय केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवाकर दोनों के मामलों में कर चोरी पर निगरानी की जिम्मेदारी केंद्रीय उत्पादशुल्क खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) को दी गयी है। सीमा शुल्क के मामले में यह काम राजस्व खुफिया निदेशालय (डीजीआरआई) करता है।
 


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