RBI की नई क्रेडिट पॉलिसी का ऐलान, रेपो रेट बढ़ाया, CRR में बदलाव नहीं

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Friday, September 20, 2013-4:32 PM

नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज ब्याज दरें बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही आपकी ईएमआई भी बढ़ गई है। आरबीआई के इस ऐलान के बाद बाजार में भारी निराशा देखी जा रही है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन में रुपया भी लुढ़क गया। रघुराम राजन ने कार्यकाल संभालने के बाद पहली बार मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू किया है।

रेपो रेट 7.25 से बढ़ाकर 7.50 फीसदी की गई। रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं। आरबीआई ने सीआरआर में भी कोई बदलाव नहीं किया। सीआरआर 4 फीसदी पर बना रहेगा। आरबीआई ने मार्जिनल स्टैंडिंग फैसलिटी (एमएसएफ) रेट 0.75 फीसदी घटाया है। अब एमएसएफ रेट 9.5 फीसदी हो गया है। बैंक रेट भी घटकर 9.5 फीसदी हो गया है।

शेयर बाजार धड़ाम
कॉरपोरेट सेक्टर चाहता था कि मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू ऐसा हो कि विदेशी निवेशकों का भारत में निवेश बढ़े। लेकिन, हुआ ठीक उलट। राजन के ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद सेंसेक्स धड़ाम से गिरा और इसमें 500 अंकों की गिरावट देखी गई और निफ्टी 6000 के करीब पहुंचा। हालांकि सुबह से ही बाजार में सुस्ती देखी जा रही थी। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 28 पैसे की कमजोरी के साथ 62.05 के स्तर पर खुला है।


ब्याज दरों में कटौती की थी संभावना
आरबीआई के नए गवर्नर रघुराम राजन अपने कार्यकाल में यह पहली बार क्रेडिट पॉलिसी की घोषणा करने वाले थे। संभावना जताई जा रही थी कि वह ब्याज दरों में कटौती करेंगे, जिसके चलते गुरुवार को रुपए में रिकवरी हुई। सेंसेक्स करीब 3 साल के हाई 20,646.64 पर पहुंच गया। इसमें 3.43 फीसदी की तेजी आई। निफ्टी भी 3.66 फीसदी चढ़कर 6,115.55 पर रहा। इस साल मई के बाद निफ्टी पहली बार इस लेवल पर पहुंचा है।  लेकिन आरबीआई ने दरों में कमी करना तो दूर दरें यथावत भी नहीं रखीं।


आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने क्रेडिट पॉलिसी की घोषणा करने के बाद कहा कि हम महंगाई के खिलाफ हैं। इस वजह से ही रेपो रेट में बढ़ोतरी की गई है। कमजोर रुपया और तेल की कीमतों से महंगाई दर पर असर पड़ सकता है।


 

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