भारतीय अर्थव्यवस्था पर नहीं पडेगा अमेरिकी संकट का असर: मायाराम

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Tuesday, October 01, 2013-3:08 PM

नई दिल्ली: आर्थिक मामलों के सचिव अरंविद मायाराम ने आज कहा कि अमेरिका में उपजे अभूतपर्व संकट से भारतीय अर्थव्यवस्था को कोई खतरा नहीं है इसलिये इसे लेकर ज्यादा चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।

मायाराम ने अमेरिका में बहुचर्चित स्वास्थ्य विधेयक ओबामा केयर के मुद्दे पर सरकारी खर्चों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध से उपजे आर्थिक संकट से भारत समेत पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित खतरे की आशंकाओं के सवाल पर पत्रकारों से कहा कि अमेरिका में जो स्थिति बनी है उसका समाधान जल्दी निकल आएगा इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कोई जोखिम नहीं आने वाला है।

इसलिए इसके भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने का कोई खतरा नहीं है। अमेरिका में गत 17 वर्षों में यह पहला मौका है जब वहां की अर्थव्यवस्था के लिए ऐसे संकट की स्थिति पैदा हुई है। इसका कारण यह है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा लाये जा रहे स्वास्थ्य रक्षा कानून का विरोध कर रहे रिपब्लिकन पार्टी के नेता सरकारी व्यय विधेयक को पारित करने पर राजी नहीं हुये जिससे जारी वित्त वर्ष की शेष अवधि के लिए सरकारी खर्चों के लिए बजट की व्यवस्था एक अक्टूबर की तय सीमा के अदंर नहीं हो पाई।

विरोधी पार्टी ओबामा केयर विधेयको एक साल के लिए टालने की मांग पर अडी हुयी है जबकि ओबामा इसके लिए किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है। दुनिया की सबसे बडी अर्थव्यवस्था में उपजे इस संकट के दूरगामी असर पडने के खतरे हैं लिहाजा पूरी दुनिया इसे दम साधे देख रही है। मायाराम ने इस संकट के अमेरिकी सीमाओं से बाहर नहीं निकलने का भरोसा जताते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ऐसी घटनाओं से पूरी तरह महफूज रहेगी।

चालू खाता घाटा, कैड में ताजा आंकडों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष कैड के 70 अरब डॉलर पर रहने का अनुमान है। सरकार अपने विदेशी मुद्रा भंडार से निकासी के बगैर विदेशी पूंजी प्रवाह के भरोसे इससे निबटने की तैयारी कर रही है। उन्होंनें कहा कि पहली तिमाही की तुलना में आर्थिक विकास दर दूसरी तिमाही में बेहतर रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सोने के आयात को इस साल 800 टन पर सीमित रखने की पूरी कोशिश होगी क्योंकि सोने का आयात किसी भी तरह देश के हित में नहीं हैं।


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