भारतीय खुदरा बाजार वॉलमार्ट की भूमिका मुठ्ठी भर ही हो सकती है: चिदंबरम

  • भारतीय खुदरा बाजार वॉलमार्ट की भूमिका मुठ्ठी भर ही हो सकती है: चिदंबरम
You Are HereBusiness
Monday, October 14, 2013-4:24 PM

वाशिंगटन: वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि भारत के विशाल खुदरा बाजार में विश्व की सबसे बड़ी खुदरा कंपनी वॉलमार्ट की भूमिका ज्यादा से ज्यादा एक मुठ्ठी भर हो सकती समान है और उसके आने न आने से देश पर कोई बड़ा फर्क नहीं होगा।

चिदंबरम ने एक साक्षात्कार में कहा ‘‘भारत के खुदरा बाजार में वॉलमार्ट की भूमिका बूंद के समान ही होगी। भारत के खुदरा बाजार में लाखों छोटे छोटे स्टोर हैं, जिनसे यह चलता है। इसमें अनेक घरेलू खुदरा श्रंखलायें हैं जिनसे यह मजबूत हुआ है। इसलिये हम यह मानकर क्यों चलें कि वॉलमार्ट की उपस्थिति भारतीय खुदरा बाजार के लिये अति महत्वपूर्ण है।’’ चिदंबरम से पूछा गया था कि क्या वॉलमार्ट द्वारा भारती एंटरप्राइजिज के साथ भागीदारी समाप्त करना भारतीय खुदरा क्षेत्र बाजार के लिये बड़ा झटका है।

भारती और वॉलमार्ट ने 9 अक्तूबर को घोषणा की कि वह भारत में अलग अलग अपना कारोबार चलायेंगी और खुदरा कारोबार में भारती के साथ उत्पादों का बिक्री समझौता आगे जारी नहीं रहेगा। वॉलमार्ट भारत में बहुब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों के तहत स्थानीय माल खरीदारी के नियमों में छूट दिये जाने पर जोर देती रही है।

भारत सरकार ने हालांकि इसमें किसी प्रकार की ढील देने से इनकार कर दिया। सरकार ने कहा विदेशी कंपनियों को भारतीय बाजार में 30 प्रतिशत खरीदारी स्थानीय स्तर पर करने के नियम में कोई ढील नहीं दी जायेगी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You