डिफाल्टरों ने नहीं चुकाया 121.8 करोड़ का जुर्माना : सेबी

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Sunday, October 20, 2013-4:56 PM

नई दिल्ली: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक संसदीय समिति को बताया है कि देश की आपराधिक न्यायिक प्रणाली से संबंधित ‘विलंब’ की वजह से उसके द्वारा डिफाल्टरों के खिलाफ शुरू की गई मुकदमे की कार्रवाई के प्रभावी नतीजे सामने नहीं आए हैं। बाजार नियामक ने कहा है कि चूककर्ताओं या डिफाल्टरों ने मार्च, 2011 से जून, 2013 के दौरान उन पर लगाया गया 121 करोड़ रुपए का जुर्माना नहीं चुकाया है।

सेबी कानून के प्रावधानों के तहत संपत्ति कुर्क करने व मौद्रिक जुर्माना वसूलने संबंधी के अधिकार के बारे में बाजार नियामक ने कहा कि सेबी कानून के मौजूदा प्रावधानों के तहत डिफाल्टरों द्वारा जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में नियामक सिर्फ मुकदमें की कार्रवाई ही कर सकता है। सेबी ने शुक्रवार को वित्त पर संसद की स्थायी समिति के समक्ष कहा, ‘‘हालांकि, देश की आपराधिक न्यायिक व्यवस्था से जुड़े विलंब की वजह से इस तरह की कार्रवाई प्रभावी साबित नहीं हो पा रही है।’’

जून तक सेबी द्वारा लगाए गए जुर्माने में से 121 करोड़ रुपए की अदायगी नहीं की गई थी। आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च, 2011 तक 988 इकाइयों ने कुल मिलाकर 81.8 करोड़ रुपए का जुर्माना नहीं चुकाया था। 30 जून, 2012 तक 1,290 इकाइयों ने कुल मिलाकर 112.3 करोड़ रुपए का जुर्माना अदा नहीं किया था। 30 जून, 2013 तक 1,345 इकाइयों पर 121.8 करोड़ रुपए का जुर्माना बकाया था।


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