वेब बेस्ड कॉलिंग ऐप से उड़ी टेलीकॉम कंपनियों की नींदे

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Friday, October 25, 2013-12:10 PM

नई दिल्ली: इंडिया में स्मार्टफोन की बढ़ती बिक्री लॉन्ग टर्म में डोमेस्टिक टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। टेलीकॉम रिसर्च कंपनी मोबाइल स्क्वेयर्ड, ऑपरेटरों और ओटीटी सर्विसेज के लिए काम करने वाली इंटरमीडियरी टिनटेक के हालिया रिपोर्ट में कहा गया कि इंटरनेट बेस्ड फ्री कॉलिंग फैसिलिटी देने वाली स्काइप के चलते ग्लोबल टेलीकॉम इंडस्ट्री को रोजाना 10 करोड़ डॉलर और सालाना 36.5 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है।

रिपोर्ट में इंडिया को टॉप 5 स्मार्टफोन बेस्ड ओटीटी मार्केट्स में से एक कहा गया है। टॉप मार्केट्स में चीन सबसे आगे हैं, इसके बाद अमेरिका, ब्राजील और जर्मनी भी शामिल हैं, जिनमें लगभग 67 फीसदी ग्लोबल ओटीटी यूजर्स इन्हीं देशों के हैं। इससे ज्यादा मार्जिन वाले डाटा सर्विसेज का रेवेन्यू बढा है। स्काइप या गूगल हैंगआउट जैसे ओवर द टॉप (ओटीटी) सर्विसेज यानी एप्स का प्रयोग बढऩे से उनके रेवेन्यू में सेंध लग सकती है। टेलीकॉम ऑपरेटरों के कुल रेवेन्यू में एसएमएस का हिस्सा 7-8 फीसदी से घटकर 3-5 फीसदी रह गया है।

एनालिस्ट्स के मुताबिक, इसकी वजह वीचैट और वॉट्सएप जैसे फ्री मेसेजिंग सर्विसेज हैं। 30 जून को खत्म क्वार्टर में भारती एयरटेल के नेटवर्क पर 2.89 अरब इंटरनेशनल कॉल मिनट्स यूज हुए जबकि पिछले क्वार्टर में 3.79 अरब मिनट्स यूज हुए थे। इस दौरान आइडिया के कॉल मिनट्स में पिछले क्वार्टर के मुकाबले 7 फीसदी की कमी आई है। रिलायंस कम्युनिकेशंस के इंटरनेशनल मिनट्स में क्वार्टर टू क्वार्टर बेसिस पर लगभग 10 फीसदी की गिरावट आई।


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