शिक्षा ऋण योजना का प्रभाव अगले 10 साल में दिखेगा: चिदंबरम

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Sunday, October 27, 2013-10:05 AM

मदुरै: वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि संप्रग सरकार की ‘क्रांतिकारी’ शिक्षा ऋण योजना का प्रभाव अगले 10 साल में महसूस किया जाएगा। समीप के तिरूमंगलम शहर में केनरा बैंक द्वारा आयोजित ऋण मेला में भाग लेते हुए चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु के दिवंगत मुख्यमंत्री के कामराज की दूरदृष्टि से आज तमिलनाडु विभिन्न क्षेत्रों में आगे है। कामराज ने स्कूलों का विकास किया और मध्याह्न भोजना योजना शुरू की जिससे बच्चे स्कूल जाने के लिये प्रोत्साहित हुए।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी प्रकार, संप्रग सरकार की शिक्षा ऋण योजना क्रांतिकारी कदम है और इसका प्रभाव अगले 10 साल में महसूस किया जाएगा और भारत आने वाले वर्षों में विकसित देश बनेगा।’’ वित्त मंत्री ने रेखांकित किया कि प्राकृतिक संपदा और उद्योग के बावजूद कई राज्यों के विकसित न होने की वजह शिक्षा में पिछडऩा है। उन्होंने कहा कि देश में अगर चार शिक्षा ऋण दिये जाते हैं तो उसमें से एक छात्र तमिलनाडु से है।

चिदंबरम ने कहा कि दिल्ली में बैंकों के चेयरमैन की हाल की बैठक में सूचित किया गया कि 58,000 करोड़ रुपए के शिक्षा ऋण की मंजूरी दी गयी और शेष 12,000 करोड़ रुपए अगले पांच महीने में दिये जाएंगे। वित्त मंत्री ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण के लिये दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दूरदर्शी विचार की सराहना की और कहा कि इसके बिना गरीबों के लिये कर्ज लेना संभव नहीं होता। किसी का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि कुछ लोग जादूगर की तरह पेश हो रहे हैं और दावा कर रहे हैं उनके पास देश के विकास के लिये जादू की छड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसे लोगों का सम्मान नहीं करता। जादू के जरिये देश के विकास का कोई रास्ता नहीं है। एकमात्र रास्ता योजनाएं हैं जिससे अगली पीढ़ी को मदद मिलेगी।’’ चिदंबरम ने कहा, ‘‘कांग्रेस अगले चुनावों के बारे में नहीं सोचती, हम अगली पीढ़ी के बारे में सोचते हैं।’’


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