इंफोसिस पर 200 करोड़ का जुर्माना

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Thursday, October 31, 2013-3:37 PM

वाशिंगटन: देश की सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने वीजा संबंधी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में अमेरिकी न्याय विभाग को 200 करोड़ रूपये का भुगतान करने की सहमति जताई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि यह मामला वीजा नियमों के उल्लंघन में सबसे बड़ा है और दक्षिणी टेक्सास के जिला न्यायालय में इससे निपटाने के लिए याचिका दायर की गई थी।

भारत की दूसरे सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाता कंपनी इंफोसिस न्यायालय में अमेरिकी वीजा नियमों के उल्लंघन को स्वीकार करते हुए जुर्माना देने को तैयार हो गई है। जबकि इंफोसिस ने एक बयान मे कारोबार में निजी हितों की पूर्ति के लिए वीजा के गलत इस्तेमाल के आरोपों का खंडन किया है। कंपनी ने कहा कि उस पर लगाए गए आरोप आपराधिक प्रकृति के नहीं हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने जानबूझकर इंफोसिस पर स्थापित कानून का उल्लंघन करते हुए भारत से लोगों को बिना उचित वीजा के अमेरिका में काम करने के लिए भेजने का आरोप लगाया है।

दूसरी तरफ न्याय विभाग ने कहा कि अमेरिका के न्यायिक अधिकारियों को इंफोसिस ने झूठे आमंत्रण पत्र दिखाकर धोखा देने की कोशिश की है। न्याय विभाग ने बताया कि न्यायालय में मई 2010 में ऐसे ही एक आमंत्रण पत्र के साथ अमेरिका आने वाले एक व्यक्ति की पहचान की गई। पत्र में दी जानकारी के अनुसार, वह व्यक्ति कारोबारी बैठक और चर्चा में शामिल होने के लिए आया था, जबकि जांच करने पर पता चला कि वह कम्प्यूटर की कोडिंग और सॉफ्टवेयर प्रोग्राम से संबंधित काम के लिए यहां आया था।

 

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