एस्सार को अतिरिक्त समय देने से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार

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Monday, November 11, 2013-4:18 PM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने गुजरात को बकाए बिक्री कर की राशि देने के लिए कुछ अतिरिक्त समय देने संबंधी एस्सार ऑयल लिमिटेड की याचिका आज निरस्त कर दी। न्यायमूर्ति ए के पटनायक और न्यायमूर्ति जे एस केहर की खंडपीठ ने यह कहते हुए एस्सार की याचिका खारिज कर दी कि न्यायालय कुछ कर सकता था, लेकिन राज्य सरकार इसके लिए राजी नहीं है।

न्यायालय ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह तक के लिए स्थगित करने का एस्सार ऑयल का आग्रह भी ठुकरा दिया। एस्सार ऑयल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने न्यायालय से आग्रह किया कि उनके मुवक्किल को बकाए बिक्री कर के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय देने का गुजरात सरकार को निर्देश दिया जाना चाहिए, लेकिन राज्य सरकार के वकील पराग त्रिपाठी ने एस्सार को अतिरिक्त समय दिये जाने का विरोध किया।

एस्सार ने बकाए कर भुगतान के लिए अतिरिक्त समय देने के अनुरोध के साथ गत चार अक्टूबर को यह कहते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था कि आॢथक मंदी के कारण कंपनी वित्तीय परेशानियों से गुजर रही है। इतना ही नहीं कंपनी को अन्य रिफाइनरियों की तरह कर लाभ भी नहीं दिया गया है। गत वर्ष जनवरी में एस्सार ऑयल बिक्री कर के रूप में 6165 करोड़ रुपए की छूट दिए जाने का मुकदमा हार चुकी है।

कंपनी ने उस वक्त 1000 करोड रुपए चुका दिए थे। न्यायालय ने आठ तिमाही किस्तों में शेष राशि चुकाने का एस्सार ऑयल को आदेश दिया था। कंपनी की दलील थी कि उसने ब्याज सहित तीन किस्त तो दे दिये हैं लेकिन चौथा किस्त देने में वह असमर्थ है।


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