एयर इंडिया में इक्विटी निवेश न तो समय पर और न ही उचित मात्रा में: अजित

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Tuesday, December 03, 2013-10:31 AM

नई दिल्ली: सरकार ने आज इस तथ्य को स्वीकार किया कि एयर इंडिया में इक्विटी निवेश न तो उचित मात्रा में किया गया और न ही यह कदम समय पर उठाया गया। इस वजह से नकदी संकट से जूझ रही एयरलाइन को अतिरिक्त ब्याज का बोझ झेलना पड़ रहा है। नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा, ‘‘पिछले तीन साल में सरकार ने एयर इंडिया में 12,200 करोड़ रुपए डाले हैं, लेकिन इक्विटी निवेश 3,574 करोड़ रुपए कम रहा है जिसकी वजह से विमानन कंपनी को नकदी संकट से जूझना पड़ रहा है।’’

सिंह ने पणजी में संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में कहा, ‘‘सरकार द्वारा किया गया इक्विटी निवेश न तो समय पर हुआ और न ही यह उचित मात्रा में किया गया। सरकार की गारंटी से अपनी कार्यशील पूंजी की जरूरत को पूरा करने के लिए एयर इंडिया को बैंकों से लघु अवधि का कार्यशील पूंजी ऋण लेना पड़ा। इससे एयरलाइन पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ पड़ा।’’ एक आधिकारिक बयान के अनुसार सिंह ने सांसदों को बताया कि एयरलाइन उद्योग का कुल अनुमानित घाटा 9,771 करोड़ रुपए है। पिछले वित्त वर्ष में एयरलाइन उद्योग का ऋण का बोझ 85,865 करोड़ रुपए रहा था।


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