बिल विवाद के ज्यादा मामले वोडाफोन, आइडिया के खिलाफ

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Wednesday, December 04, 2013-1:12 PM

नई दिल्ली: फोन बिल को लेकर विवाद मामले में जून तिमाही के दौरान कई सेवा क्षेत्रों में वोडाफोन, आइडिया सेल्यूलर, बीएसएनएल और एयरसेल सूची में सबसे ऊपर है। दूरसंचार नियामक ट्राई के गुणवत्ता सेवा मानदंड से यह पता चला है। तिमाही रिपोर्ट में बिल विवाद में सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज के एमटीएस तथा यूनिनोर का भी नाम है। ट्राई के मानदंडों के अनुसार किसी कंपनी के संबंधित सेवा क्षेत्र में कुल बिल में से 0.1 प्रतिशत से अधिक विवादित नहीं होना चाहिए।

छह दूरसंचार कंपनियों (वोडाफोन, आइडिया, बीएसएनएल, एमटीएस, एयरसेल, यूनिनार) के खिलाफ बिल को लेकर विवाद 0.11 प्रतिशत से लेकर 0.7 प्रतिशत के बीच है। महाराष्ट्र में एयरसेल का प्रतिशत 0.7 है जो सबसे खराब है। वोडाफोन के मामले में पोस्टपेड बिल के संदर्भ में अधिकतम विवाद (0.54 प्रतिशत) ओडि़शा सेवा क्षेत्र में है। उसके बाद क्रमश: जम्मू कश्मीर, पंजाब तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बिलों को लेकर विवाद है। एयरसेल का महाराष्ट्र तथा मुंबई सेवा क्षेत्र में 0.16 प्रतिशत से 0.21 प्रतिशत बिल को लेकर विवाद है।

ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार बीएसएनएल के बिल को लेकर असम, कोलकाता तथा महाराष्ट्र में विवाद है लेकिन पोस्टपेड बिल के प्रतिशत का जिक्र नहीं है। आइडिया के मध्य प्रदेश में 0.15 प्रतिशत पोस्ट बिल, तमिलनाडु में 0.13 प्रतिशत तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 0.12 प्रतिशत बिल को लेकर विवाद है। प्रीपेड बिल के मामले में ट्राई की रिपोर्ट में वोडाफोन का नाम है। कंपनी का बिहार, कोलकाता तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में विवाद है। सभी कंपनियों में सर्वाधिक विवाद एयरसेल के बिल को लेकर है। नियामक ने यह भी पाया है कि एयरसेल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, एयरटेल, टाटा टेलीसर्विसेज, यूनिनार तथा एमटीएस के ग्राहकों को कुछ दूरसंचार क्षेत्रों में काल के जवाब में एक मिनट से अधिक इंतजार करना पड़ता है।

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