टैपरिंग से निपटने के लिए भारत तैयार : चिदंबरम

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Thursday, December 19, 2013-9:09 PM

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा वित्तीय राहत में कटौती से पैदा होने वाली परिस्थिति से निपटने के लिए भारत अच्छी तरह से तैयार है और बाजार ने इस फैसले की संभावना को ध्यान में रखा है। चिदंबरम ने यहां एक बयान जारी कर कहा, ‘‘सरकार का मानना है कि बाजार ने पहले से ही इस फैसले की संभावना को ध्यान में रखा है इसलिए उम्मीद नहीं की जा सकती कि इस मामूली बदलाव से बाजार में घबराहट फैलेगी। यही नहीं हम अमेरिका के फेडरल रिजर्व के फैसले से पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मई 2013 की तुलना में बेहतर तरीके से तैयार हैं।’’

उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व के वित्तीय राहत से वापसी (टैपर) से संबंधित बयान पर सरकार ने ध्यान दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह मैंने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन से बात की है।’’ फेड ने कहा है कि वह 75 अरब डॉलर मूल्य के बांडों की खरीदारी हर माह करता रहेगा। अब तक वह हर माह 85 अरब डॉलर मूल्य के बांडों की खरीदारी कर रहा था। चिदंबरम ने कहा, ‘‘यह मामूली कटौती है और फेड ने इसके बाद की जाने वाली कटौती के बारे में घोषणा नहीं की है।’’

उद्योग संघों का भी यही मानना है कि फेड के फैसले को झेलने के लिए भारत अब तैयार है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से भारत भुगतान संतुलन के बेहतर प्रबंधन के लिए अधिक तैयार है, क्योंकि सरकार और आरबीआई ने विदेशी पूंजी भंडार खड़ा करने और विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में स्थिरता लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।’’ चिदंबरम ने कहा कि फेड तब तक बांड की खरीदारी करता रहेगा और अन्य नीतिगत उपकरणों का इस्तेमाल करता रहेगा, जब तक कि मूल्य स्थिरता के मामले में श्रम बाजार की हालत में समुचित सुधार नहीं आ जाता।

एसोचैम के महासचिव डी.एस. रावत ने कहा, ‘‘रुपए में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। चालू खाता घाटा के मोर्चे पर स्थिति मजबूत है और उम्मीद है कि आगे भी ऐसी ही स्थिति रहेगी।’’ उन्होंने कहा कि टैपरिंग का सकारात्मक पहलू यह है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार आ रहा है इससे अमेरिकी बाजार को निर्यात में सुधार होगा। इससे निर्यात क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। इससे चालू खाता घाटा की स्थिति और बेहतर होगी।


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