पूरे साल रूलाया महंगाई ने

  • पूरे साल रूलाया महंगाई ने
You Are HereBusiness
Sunday, December 29, 2013-12:32 PM

नई दिल्ली: सरकार के महंगाई पर लगाम लगाने के तमाम आश्वासनों के बावजूद देशवासियों को खाद्य पदार्थों, सब्जियों और दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती महंगाई ने पूरे साल रूलाया है। ऊंची कीमत की वजह से लोगों की थाली से पहले की गायब हो चुके दाल के बाद इस वर्ष देश भर में प्याज और सुर्ख होते हुए 100 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस दौरान टमाटर भी पीछे नहीं रहा और वह 80 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकार्ड स्तर को छू गया। अन्य सब्जियों की भी खुदरा कीमत 50 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम के करीब रही।

वर्ष 2013 के नवंबर में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 14 महीनों के उच्चतम स्तर 7.52 प्रतिशत पर पहुंच गई।
पूरे वर्ष सब्जियों विशेषकर प्याज की कीमत में आग लगी रही और नवंबर में इसकी कीमत में गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में करीब 190 प्रतिशत की भरी बढोतरी दर्ज की गई। इस वर्ष नवंबर महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर 11.24 प्रतिशत पर पहुंच गई। हालांकि इस पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने अपने नीतिगत दरों, रेपो और रिवर्स रेपो दर में कई बार बढोतरी की लेकिन इस पर इसका कोई खास असर नहीं हुआ और महंगाई दर दहाई अंक पर बनी रही।

इस बीच महंगाई की मार से परेशान लोगों के लिए सस्ते खाद्य पदार्थों का मरहम लगाने की बजाय योजना आयोग का शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 32 रुपए और ग्रामीण इलाके में 26 रुपए प्रतिदिन कमाने वाले लोगों को गरीब नहीं मानना काफी हास्यास्पद रहा। इसके साथ ही कुछ दिग्गज नेताओं ने तो यहां तक कहा दिया कि देश में गरीबी कहां है। कांग्रेस नेता रासिद मसूद ने कहा कि दिल्ली में पांच रुपए में भरपेट भोजन मिलता है। इन्हीं की लीक पर आगे बढते हुए राज बब्बर ने कहा कि मुम्बई में महज 12 रुपए में खाना खाया जा सकता है।

इस दौरान भूख से बिलखते बच्चों को चुप कराना भी महंगा हो गया। दूध की कीमतें भी सब्जियों से पीछे नहीं रहीं। पिछले वर्ष 30 रुपए प्रति लीटर की दर से बिकने वाला फुल क्रीम दूध इस वर्ष करीब 50 प्रतिशत की भारी बढोतरी के साथ 44 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया। अनाजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढोतरी करने की वजह से भी खाद्यान्नों की कीमतों में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढोतरी से घरेलू स्तर पर डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढने से भी महंगाई में बढोतरी हुई है।

सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को डीजल में 50 पैसे प्रति लीटर मासिक बढोतरी करने की छूट दी है जिसका असर माल ढुलाई पर हुआ है। इस दौरान खाद्य तेलों में भी भारी इजाफा हुआ है। गत वर्ष करीब 70 रुपए प्रति लीटर बिकने वाला सरसों तेल इस वर्ष 100 रुपए प्रति लीटर से ऊपर निकल गया। तेल की बढी हुई कीमत ने इस वर्ष वैवाहिक आयोजनों के साथ ही त्यौहारों का रंग भी फीका कर दिया।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You