चिदंबरम ने सोने के आयात पर प्रतिबंध जारी रखने का समर्थन किया

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Monday, December 30, 2013-5:27 PM

नई दिल्ली: चालू खाते का घाटा इस वित्त वर्ष घट कर 50 अरब डॉलर से भी कम रहने की संभावना के बावजूद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोने के आयात पर किसी न किसी रूप में प्रतिबंध जारी रखने का आज समर्थन किया। एक साक्षात्कार में चिदंबरम ने कहा, ‘मुझे लगता है कि सोने के आयात पर कुछ प्रतिबंध होना चाहिए। हमें अपने देश में ही और सोना खोजने की कोशिश करनी चाहिए।’

सभी बंद खदानों की नीलामी पर उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खान मंत्रालय को तथाकथित बंद खदानों को बेचना चाहिए क्योंकि विभिन्न देशों में मुझसे कई लोग मिले और कहा, ‘खदान हमें दीजिए और हम उसमें से  सोना निकालेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘सोने के आयात पर प्रतिबंध का उपाय सही है।’ हालांकि रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन समेत कुछ विशेषज्ञों ने सोने के आयात पर प्रतिबंध हटाने का समर्थन किया है क्योंकि इससे तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है। 

सरकार तथा रिजर्व बैंक दोनों ने बढ़ते चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने के लिए सोने का आयात रोकने के लिए कई प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। चिदंबरम के अनुसार चालू खाते का घाटा 50 अरब डॉलर से कम रहेगा। उल्लेखनीय है कि सोने के आयात में वृद्धि समेत अन्य कारणों से वित्त वर्ष 2012-13 में चालू खाते का घाटा 88.2 अरब डॉलर या जीडीपी का 4.8 प्रतिशत पहुंच गया। वित मंत्री ने यह बात दोहराई कि मार्च 2014 में समाप्त हो रहे चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.8 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य पूरा होगा।


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