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सोने की चमक पडी फीकी

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Wednesday, January 01, 2014-6:47 AM

नई दिल्ली: पूरे वर्ष उतार चढाव से गुजरता रहा सोना बढते चालू खाता घाटे को नियंत्रण में लाने की सरकार और रिजर्व बैंक की कोशिशों के चलते अपनी चमक खोता दिखा। घरेलू स्तर पर वर्ष की शुरुआत में सोना 30620 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा था जो 28 अगस्त को स्टाकिस्टों की लिवाली के बल पर अबतक के सर्वाधिक उच्चतम स्तर 33790 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर को छू गया। हालांकि साल के आखिर में 29650 रुपए तक आने से पहले सोना जून के अंतिम सप्ताह में 25130 रुपए प्रति दस ग्राम के न्यूनतम स्तर तक भी उतरा था।

इसी तरह इस वर्ष के प्रारंभ में 57950 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली चांदी गत वर्ष के कारोबारी सत्र में अंत में 57820 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। पूरे वर्ष के दौरान इसने 59740 रुपए के उच्चतम और 40190 रुपए प्रति किलोग्राम के न्यूनतम स्तर को भी छुआ। वर्ष 2013 के 21 दिसंबर को 44190 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। इस वर्ष 21 दिसंबर को 29650 रुपए प्रति दस ग्राम तक उतरी पीली धातु में पिछले वर्ष की इसी अवधि के 30490 रुपए प्रति दस ग्राम की तुलना में 840 रुपए यानी 2.76 प्रतिशत की कमी आई।

गत वर्ष के अंत में 57820 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई चांदी भी इस वर्ष 21 दिसंबर को 13630 रुपए या 23.57 फीसदी टूट कर 44190 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। सोने के जबरदस्त आयात और सुस्त निर्यात की वजह से पिछले वर्ष देश का चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के रिकार्ड 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गया था। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी अन्य बैंको के स्वर्ण आयात पर प्रतिबंध लगाया। किसी भी रूप में स्वर्ण की खरीद को भी हतोत्साहित किया।

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