उत्पादों की कीमत में लगातार 7वें माह तेजी : HSBC

  • उत्पादों की कीमत में लगातार 7वें माह तेजी : HSBC
You Are HereBusiness
Thursday, January 02, 2014-5:56 PM

नई दिल्ली: बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनी एच.एस.बी.सी. के एक प्रतिष्ठित मासिक सर्वेक्षण के अनुसार दिसम्बर के दौरान भारत में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर में हल्की गिरावट दर्ज की गई। विनिर्माण क्षेत्र के उद्योगों के परचेजिंग मैनेजरों के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित एच.एस.बी.सी. पी.एम.आई. सूचकांक दिसम्बर में हल्का घटकर 51.3 रहा। नवम्बर में पी.एम.आई. विनिर्माण सूचकांक 50.7 अंक था। सूचकांक 50 से ऊपर होने का अर्थ है कि दिसम्बर में भारत में विनिर्माण गतिविधियों में वृद्धि जारी रही पर इस क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि की दर नवम्बर की तुलना में हल्की हुई।

एच.एस.बी.सी. के भारत और आसियान क्षेत्र संबंधी अर्थशास्त्री लीफ एस्केसेन ने कहा, ‘‘आज के आंकड़े दर्शाते हैं कि विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर हल्की बनी हुई है और बुनियादी अड़चनों के बने रहने के नाते इसके रफ्तार पकडऩे में कठिनाई हो रही है।’’ भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए 2013 सकारात्मक धारणा के साथ समाप्त हो रहा है। परिचालन का वातावरण लगातार दूसरे माह दिसम्बर में भी बेहतर हुआ है। उत्पादन और नए ऑर्डरों में वृद्धि दिखी है। यद्यपि एच.एस.बी.सी. का कहना है कि दिसम्बर में विनिर्माताओं को मिले ऑर्डरों की वृद्धि दर अपेक्षाकृत हल्की रही।

विश्लेषण
उत्पादन का विस्तार मुख्यत: अभी उपभोक्ता वस्तुओं के कुछ छोटे क्षेत्रों तक ही सीमित है।
निर्यात भी लगातार तीसरे माह बढ़ा है।
कुल मिलाकर मुद्रास्फीति की दर ‘ज्यादा’ है। दृढ़ता मुख्य रूप से धातु, रसायन और कपड़े जैसे कच्चे माल के लिए दी जाने वाली ऊंची कीमत के कारण है।
भारत में उत्पादों की कीमत में लगातार 7वें माह तेजी दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार नवम्बर में रिटेल मुद्रास्फीति 11.24 प्रतिशत पर पहुंच गई थी जो 9 माह का उच्चतम स्तर है। इसी तरह थोक मुद्रास्फीति नवम्बर में 7.52 प्रतिशत पर पहुंच गई थी जो 14 माह के उच्चतम स्तर पर थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 दिसम्बर को मध्य-तिमाही समीक्षा में अपनी नीतिगत ब्याज दर में कोई परिवर्तन नहीं किया था। इस तरह मुद्रास्फीति का दबाव बराबर बना हुआ है और मुद्रास्फीति हटाने से भी नहीं हट रही है। ऐसे में रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति कम करने के लिए फिर कार्रवाई करनी पड़ सकती है और मौद्रिक नीति कड़ी करनी पड़ सकती है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You