महंगी हो सकती है चीनी

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Thursday, January 02, 2014-6:50 PM

नई दिल्ली: भारतीय चीनी मिल संघ इस्मा ने आज कहा कि पेराई अभियान शुरू करने में देरी के कारण देश का चीनी उत्पादन वर्ष 2013-14 के सत्र (अक्तूबर से सितम्बर) के पहले 3 माह में 29 प्रतिशत घटकर 57.39 लाख टन रह गया। उत्पदान में कमी से चीनी के दाम में तेजी की संभावना भी व्यक्त की जा रही है।

इसमें कहा गया है कि चीनी उत्पादन हालांकि गत वर्ष के रुख को धीरे-धीरे पकड़ रहा है। वर्ष भर पूर्व की समान अवधि में चीनी उत्पादन 80.32 लाख टन था। इस्मा का कहना है कि कच्ची चीनी के उत्पादन की गति में सुधार होगा बशर्ते कि केन्द्र जल्द से जल्द निर्यात सुविधाओं की घोषणा कर दे। इस्मा ने बयान में कहा, ‘‘धीमी शुरूआत के बाद दिसम्बर 2013 के अंत में गन्ना पेराई ने गति पकड़ी। गन्ना मूल्यों को लेकर समस्याओं के कारण चीनी मिलों के देर से काम शुरू करने के कारण कम उत्पादन हुआ है। इसमें कहा गया है कि दिसम्बर 2013 तक 476 चीनी मिलें पेराई का काम कर रही थीं।

यह संख्या वर्ष भर पहले की समान अवधि में 499 थी। देश में चीनी के विशालतम उत्पादक राज्य महाराष्ट्र ने 22.14 लाख टन चीनी का उत्पादन किया जो गत वर्ष के 29.07 लाख टन के उत्पादन से कम है। वहीं चीनी के दूसरे विशालतम उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश ने 11.3 लाख टन चीनी का उत्पादन किया जो गत वर्ष के उत्पादन से करीब 42 प्रतिशत कम है।


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