क्यू.आई.पी. के बाद नई पूंजी की जरूरत नहीं : SBI

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Saturday, January 04, 2014-2:47 AM

मुम्बई: भारतीय स्टेट बैंक (एस.बी.आई.) को जल्द आ रहे 11,500 करोड़ रुपए के पात्र संस्थागत नियोजन (क्यू.आई.पी.) के बाद 2 वर्ष तक नई पूंजी की जरूरत नहीं होगी। कोई भी विदेशी बांड बिक्री क्यू.आई.पी. के बाद ही होने की उम्मीद है। एस.बी.आई. की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘इस वर्ष हम इसी प्रक्रिया (क्यू.आई.पी. के बाद तरजीही पेशकश के जरिए सरकार द्वारा पूंजी डालने) का पालन करेंगे और इससे हमारा आगामी 2 वर्ष तक काम चल जाएगा।

इससे सरकार की हिस्सेदारी घटकर 58 प्रतिशत रह जाएगी। इसके बाद सरकार इसमें धन डालेगी या हिस्सेदारी बेचेगी या हिस्सेदारी घटाकर 58 प्रतिशत से कम करेगी, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है, इसका फैसला सरकार को करना है।’’ क्यू.आई.पी., एफ.पी.ओ. और तरजीही पेशकश के जरिए जुटाया गया धन प्रथम श्रेणी और बांड बिक्री से जुटी पूंजी द्वितीय श्रेणी की पूंजी होती है।


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