4 फीसदी विकास दर की तरफ कृषि क्षेत्र

  • 4 फीसदी विकास दर की तरफ कृषि क्षेत्र
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Saturday, January 04, 2014-10:43 PM

नई दिल्ली: मंदी के दौर से गुजर रही देश की अर्थव्यवस्था को दरकिनार करते हुए कृषि क्षेत्र 4 फीसदी विकास दर की तरफ बढ़ रहा है। रबी की बुआई के सरकारी आंकड़े और उत्पादन के अनुमान से अंदाज लगाया जा रहा है कि यदि सब कुछ अनुकूल रहा और मौसम में किसी तरह की खराबी न हुई तो देश की कृषि विकास दर 4 फीसदी को पार कर जाएगी।

हाल ही में आए विकास दर के आंकड़ों में भी कृषि विकास दर की आम जबकि कृषि क्षेत्र की भूमिका अहम रही है। देश का कृषि क्षेत्र वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.6 फीसदी की दर से बढ़ा है जबकि पहली तिमाही में कृषि क्षेत्र की विकास दर 2.7 प्रतिशत थी। कृषि क्षेत्र में आए इस जबरदस्त उछाल से उत्साहित कृषि मंत्रालय को लगता है कि इस वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र 4 फीसदी विकास दर को पार कर जाएगा।

मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में इस साल खाद्यान्न उत्पादन एक बार फिर 259 मिलियन टन पहुंचने की उम्मीद है। 2011-12 में देश में 259.32 मिलियन टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ था लेकिन 2012-13 में देश के कुछ इलाकों में सूखे के कारण खाद्यान्न उत्पादन 2012-13 में गिर कर 250.17 मिलियन टन पहुंच गया। इस बार इसके फिर 259 मिलियन टन के पुराने आंकड़े को छूने का अनुमान है।

कृषि मंत्रालय द्वारा 3 दिसम्बर को जारी किए गए आंकड़ों में रबी सीजन की बुआई पिछले साल के मुकाबले तेजी से चल रही है। पिछले साल 3 जनवरी तक देश में 569.83 लाख हैक्टेयर रकबे में बुआई हुई थी और अब बुआई का रकबा 592 लाख हैक्टेयर पर पहुंच गया है। गेहूं की बुआई के रकबे ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं और 3 करोड़ हैक्टेयर को पार कर गया है। कृषि मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को बढ़ाए गए ऋण और बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता सुचारू बनाए जाने से इसने रफ्तार पकड़ी है।


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