कर्मचारी संगठनों की 2013-14 के लिए 9.5 प्रतिशत ब्याज की मांग

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Wednesday, January 08, 2014-4:29 PM

नई दिल्ली: कर्मचारी संगठन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के न्यासियों की अगले सप्ताह होने वाली बैठक में मौजूदा वित्त वर्ष 2013-14 के लिए 9.5 प्रतिशत की ब्याज दर की मांग करेंगे। ईपीएफओ के पांच करोड़ से अधिक अंशधारक हैं। ईपीएफओ की नीति निर्माण करने वाली सर्वोच्च संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की अगले सोमवार को बैठक होने वाली है जिसमें 2013-14 के भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा और इस संबंध में फैसला किया जाएगा।

आल इंडिया ट्रेड यूनियन के सचिव और सीबीट के सदस्य डी एल सचदेव ने कहा ‘‘हम चालू वित्त वर्ष के लिए अपने उपभोक्ताओं के लिए 9.5 प्रतिशत ब्याज दर की मांग करेंगे जो 2012-13 में दी गई ब्याज दर 8.5 प्रतिशत से अधिक है।’’ उन्होंने कहा ‘‘8.5 प्रतिशत की ब्याज बैंकों द्वारा इन दिनों में मुहैया कराई जाने वाली ब्याज दर से कम है और मंहगाई का समाधान इसमें शामिल नहीं होगा।’’ औद्योगिकी कामगारों के लिए नवंबर में खुदरा मुद्रास्फीति 11.47 प्रतिशत रही। इसी मुद्रास्फीति के आधार पर केंद्र सरकार मंहगाई भत्ते में बढ़ोतरी का आकलन करती है।

ईपीएफओ ने अपने न्यासियों के लिए तैयार प्रस्ताव के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के लिए भविष्य निधि जमा पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर के भुगतान पर 56.96 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि बचेगी। सीबीटी की बैठक के लिए तय एजेंडे के मुताबिक ईपीएफओ को चालू वित्त वर्ष में 20,796.96 करोड़ रुपए की आय का अनुमान है और उसे अपने उपभोक्ताओं को 8.5 प्रतिशत की ब्याज दर के भुगतान के लिए 20,740 करोड़ रुपए की जरुरत है।

आकलन के मुताबिक ब्याज दर आधा प्रतिशत बढ़ाकर नौ प्रतिशत करने के लिए 1,229 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की जरूरत होगी जो व्यवहार्य नहीं लगता। हालांकि एक अन्य ईपीएफओ न्यासी और भारतीय मजदूर संघ के सचिव विर्जेश उपाध्याय ने कहा ‘‘चालू वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर 2012-13 में दिए गए 8.5 प्रतिशत की ब्याज दर के मुताबिक अधिक होगी।’’ उपाध्याय ने कहा कि वह 2013-14 के भविष्य निधि जमा पर 9.5 प्रतिशत की ब्याज दर की मांग करेंगे।


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