मौजूदा दवा कंपनियों में 100 प्रतिशत एफडीआई बरकरार रखने का निर्णय

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Wednesday, January 08, 2014-5:51 PM

नई दिल्ली: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अधिग्रहण के कारण सस्ती दवाएं उपलब्ध नहीं होने की चिंता को खारिज करते हुए सरकार ने मौजूदा दवा कंपनियों में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की नीति बरकरार रखने का आज निर्णय किया। हालांकि, औद्योगिक नीति एवं संवद्र्धन विभाग (डीआईपीपी) ने आज कहा कि जहां तक गैर-प्रतिस्पर्धी उपबंध का सवाल है, इस पर विदेशी निवेश संवद्र्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मामला-दर-मामला आधार पर निर्णय करेगा।

डीआईपीपी ने में कहा, ‘‘सरकार ने इस संदर्भ में स्थिति की समीक्षा की है और यह निर्णय किया है कि मौजूदा नीति जारी रहेगी। इसमें गैर..प्रतिस्पर्धी उपबंध के मामले में कुछ विशेष परिस्थितियों में एफआईपीबी की मंजूरी को छोड़ इसकी अनुमति नहीं होगी।’’ बड़ी संख्या में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भारतीय दवा कंपनियों के अधिग्रहण को लेकर चिंता के बीच डीआईपीपी ने पूर्व में क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों को कड़ा किए जाने का प्रस्ताव किया था।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हालांकि, अपनी बैठक में डीआईपीपी की चिंताओं को खारिज कर दिया। भारत दवा क्षेत्र में नई एवं पुरानी परियोजनाओं में स्वत: मार्ग के रास्ते 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देता है।


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