वित्तवर्ष 2013-14 में चालू खाते का घाटा 50 अरब डालर से कम रहेगा : मायाराम

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Thursday, January 09, 2014-1:43 PM

नई दिल्ली: निर्यात में सुधार और स्वर्ण आयात में तेज गिरावट से उत्साहित सरकार ने कहा है कि चालू वित्तवर्ष में चालू खाते का घाटा 50 अरब डालर से कम रहेगा। चालू खाते का घाटा एक समयावधि में विदेशों के साथ लेन-देन का अंतर है। पिछले वित्तवर्ष में चालू खाते में भारत की देनदारी (घाटा) 88.2 अरब डालर या जीडीपी के 4.8 प्रतिशत के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई थी।

आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने प्रेट्र से बातचीत में कहा, ‘‘हमें पूरा भरोसा है कि इस वित्तवर्ष में कैड 50 अरब डालर के आसपास रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘निर्यात अच्छा चल रहा है, बीच में किसी महीने कुछ गिरावट हो सकती है, लेकिन अगर एक रेखा खींची जाए तो यह सीधी एवं निरंतर चढती दिशा में दिखेगी। इसका ग्राफ नीचे नहीं झुका है।’’

उन्होंने कहा कि व्यापार घाटा (निर्यात और आयात के बीच का अंतर) नवंबर में घटकर 9.2 अरब डालर पर आ गया, जो अक्तूबर में 10.6 अरब डालर पर था। चालू वित्तवर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2013 में कैड 26.9 अरब डालर था, जो जीडीपी के 3.1 प्रतिशत के बराबर है, जबकि 2012-13 में इसी दौरान यह 37.9 अरब डालर था, जो जीडीपी के 4.5 प्रतिशत के बराबर था। आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा कि नवंबर में स्वर्ण आयात गिरकर 19.3 टन रहा, जबकि मई में इसका आयात 162 टन था।

गौरतलब है कि सरकार और रिजर्व बैंक ने चालू खाते के घाटे का सीमित रखने के लिए पिछले साल स्वर्ण आयात पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठाये। इसी के तहत स्वर्ण आयात पर आयात शुल्क 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक कर दिया गया। सोने का आयात काफी नीचे आ गया है और अब आवाज उठने लगी है कि सरकार को इसके आयात पर अंकुश हटाना चाहिए, क्योंकि इसके कारण तस्करी को बढावा मिल रहा है।


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