2014 में अर्थव्यस्था की स्थिति और खराब होने की आशंका : रिपोर्ट

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Thursday, January 16, 2014-8:50 PM

नई दिल्ली: करीब 50 फीसद भारतीय परिवार मानते हैं कि इस साल अर्थव्यवस्था की स्थिति और खराब होगी। वहीं तीन-चौथाई का कहना है कि अगले 12 महीनों में ग्रॉसरी, ईंधन और घर में इस्तेमाल होने वाली अन्य वस्तुओं के दाम और बढ़ेंगे। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

प्रिसिंपल रिटायरमेंट एडवाइजर्स (इंडिया) के पहले वित्तीय जीवन स्तर सूचकांक में 48 फीसद भारतीय परिवारों ने कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति 2014 में और खराब होगी। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर में पांच माह के निचले स्तर 6.16 प्रतिशत पर आ गई है। इसके बावजूद 77 फीसद लोगों का मानना है कि किराना, ईंधन व घर में इस्तेमाल होने वाले सामान के दाम अगले एक साल में और बढ़ेंगे।

यह अध्ययन कंपनी ने अपनी अनुसंधान भागीदार नील्सन कंपनी के साथ मिलकर 2013 की अंतिम तिमाही में किया है। सर्वेक्षण में शामिल परिवारों का मानना है कि खाद्य वस्तुओं और ब्रेवरेज तथा परिवहन महंगा होने से परिवारों का बजट गंभीर रूप से प्रभावित होता है। वहीं 78 प्रतिशत ने अगले एक साल में आवास रिण पर ब्याज दर बढऩे को लेकर चिंता जताई।

प्रिंसिपल फाइनेंशियल समूह के कंट्री प्रमुख भारत राजन घोटगल्कर ने कहा, ‘‘भारतीय परिवारों ने 2014 के लिए सतर्क परिदृश्य रखा है।’’ हालांकि, परिवारों का मानना है कि वे अपनी वित्तीय स्थिति को नियंत्रित कर चुके हैं और वित्तीय लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अग्रसर हैं। यह अनुसंधान 11 शहरों में किया गया। इसमें 1,664 परिवारों की राय ली गई है। इसमें शामिल लोग 25 से 60 साल के हैं, जिनके परिवार की सालाना आय 5 लाख रपए से अधिक है।


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