‘उर्जित पटेल मॉडल अपनाया गया तो 2014-15 में भी उंची रहेंगी ब्याज दरें’

  • ‘उर्जित पटेल मॉडल अपनाया गया तो 2014-15 में भी उंची रहेंगी ब्याज दरें’
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Wednesday, January 22, 2014-5:47 PM

नई दिल्ली: क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का मानना है कि यदि रिजर्व बैंक उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लेता है, तो अगले वित्त वर्ष में भी ब्याज दरें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी। समिति ने सुझाव दिया है कि रिजर्व बैंक को खुदरा महंगाई का लक्ष्य लेकर आगे बढऩा चाहिए। क्रिसिल इंडिया की ‘भारत आर्थिक पूर्वानुमान’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि रिजर्व बैंक उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लेता है, तो 2014-15 में भी ब्याज दरों के नीचे आने की संभावना नहीं है।

समिति ने कल अपनी सिफारिशों में कहा है कि केंद्रीय बैंक को खुदरा मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति पर गौर करना चाहिये और अगले 12 माह में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति को 8 प्रतिशत पर लाना चाहिए और अगले 24 महीने में इसे 6 फीसदी पर लाया जाना चाहिए। क्रिसिल ने इसकी भी वकालत की है कि वास्तविक नीतिगत दरें सकारात्मक दायरे में होनी चाहिए खासकर इस स्थिति को देखते हुए कि रेपो दर जो कि इस समय 7.75 प्रतिशत पर है, उसे उपभोक्ता मूलय सूचकांक (सीपीआई) से ऊपर होना चाहिए।

वर्ष 2014-15 में सीपीआई के औसतन 8.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। क्रिसिल के अनुसार ‘‘दूसरे शब्दों में 2014-15 में भी मौद्रिक नीति के लिए आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने की कम गुंजाइश लगती है। निवेश में किसी भी तरह का सुधार ऐसी स्थिति में स्थगित परियोजनाओं की मंजूरी से ही बढ़ सकता है।’’ क्रिसिल ने कहा कि यदि रिजर्व बैंक इन सिफारिशों को स्वीकार कर लेता है, तो उसका ध्यान खुदरा मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने पर रहेगा। हमें 2014-15 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के 8.5 प्रतिशत पर रहने की उम्मीद है।


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