फेड रिजर्व के कदम से बाजार को लग सकता है झटका

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Sunday, February 02, 2014-11:57 AM

मुंबई: फेड रिजर्व की प्रोत्साहन पैकेज कटौती योजना से घेरलू शेयर बाजारों को आगे तगडा झटका लग सकता है जिससे आने वाले सप्ताह बाजार की चाल बहुत कुछ विदेशी पूंजी की निकासी पर टिक सकती है। सोमवार और बुधवार को जारी होने वाले जनवरी माह के सेवा और विनिर्माण क्षेत्र के आंकडे भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। शुक्रवार को समाप्त सप्ताह बाजार आरबीआई और फेड के दोहरे पंच से धराशाई हुए।

मंगलवार 28 जनवरी को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की ऋण और मौद्रिक समीक्षा में महंगाई के असहज स्तर का हवाला देते हुए अल्पकालिक ऋण दरों में एक चौथाई प्रतिशत की बढोतरी कर दी। बाजार के लिए यह अप्रत्याशित झटका साबित हुआ। दूसरी ओर फेड ने बुधवार को एलान किया कि वह फरवरी से बौंड खरीद को 75 अरब डॉलर से घटाकर 65 अरब डॉलर प्रति माह करने जा रहा है।

वैश्विक बाजारों के साथ ही घरेलू शेयर बाजार पर इसका विपरीत असर पडा जिससे बाम्बे स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 619.71 अंक गिरकर 20513.85 अंक के स्तर पर और नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 177.25 अंक गिरकर 6089.50 अंक के स्तर पर बंद हुआ। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 2.28 प्रतिशत गिरा और स्मालकैप सूचकांक 2.81 प्रतिशत फिसला। सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आकंडों के अनुसार दिसंबर 2013 में बुनियादी उद्योगों की विकास दर 2.1 प्रतिशत रही वित्त वर्ष 2003-04 के बाद यह सबसे कम वृद्धि दर है। दिसंबर 2012 में यह 7.5 प्रतिशत थी। बाजार में इसने अर्थव्यवस्था में सुस्ती का संकेत दिया जिससे निवेशक निराश हुए।


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