वोडाफोन के साथ सुलह की कवायद विफल, सरकार पेशकश वापस लेगी

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Wednesday, February 12, 2014-12:31 PM

नई दिल्ली: सरकार ने वोडाफोन के साथ 20,000 करोड़ रुपए का कर विवाद निपटाने के लिए अपना सुलह प्रस्ताव वापस लेने और बकाए की वसूली का फैसला किया है। ब्रिटेन की इस दूरसंचार कंपनी ने ट्रांसफर प्राइसिंग विवाद को भी इस बातचीत के दायरे में लाने पर जोर दिया था जिसके बाद सरकार ने यह फैसला किया। सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने इस बारे में कैबिनेट नोट का मसौदा जारी किया है। उन्होंने कहा कि विधि मंत्रालय ने वोडाफोन के साथ सुलह प्रक्रिया को समाप्त करने का समर्थन किया है।

कंपनी ने कर विवाद पर द्विपक्षीय निवेश संवर्धन एवं संरक्षण समझौते (बीपा) के तहत पिछले महीने सरकार को अनुपूरक नोटिस भेजा था जिसके बाद मंत्रालय ने वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स बीवी के साथ सुलह प्रक्रिया को वापस लेने का फैसला किया। मंत्रिमंडल ने 2007 में हच्चिसन एस्सार में हच्चिसन वैंपोआ की हिस्सेदारी के सौदे में पूंजीगत लाभ पर कर के दायित्व संंबंधी विवाद को हल करने के लिए वोडाफोन के साथ सुलह वार्ता को लेकर वित्त मंत्रालय के एक प्रस्ताव को पिछले साल जून में मंजूरी दी थी।

यद्यपि वित्त मंत्रालय लंबे समय से लटके इस कर विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहता था, लेकिन कंपनी के ढुलमुल रवैये के चलते वार्ता विफल हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी वोडाफोन इंडिया सर्विसेज पर 3,700 करोड़ रुपए के ट्रांसफर प्राइसिंग सबंधी मामले को पूंजीगत लाभ कर मुद्दे के साथ जोडऩा चाहती थी और उसकी यह मांग वित्त मंत्रालय को स्वीकार नहीं थी। जहां वर्ष 2007 में हुए अधिग्रहण सौदे के संबंध में कंपनी पर 7,990 करोड़ रुपए का कर लगाया है। इस राशि पर जुर्माना और जमा ब्याज सहित बकाया राशि 20,000 करोड़ रुपए हो गई है।

सूत्रों ने कहा कि राजस्व विभाग ब्याज व जुर्माने सहित कर डिमांड को आगे बढाएगा। कैबिनेट इस मामले पर शीघ्र ही फैसला कर सकती है। वोडाफोन ने इस बारे में टिप्पणी से इनकार कर दिया।

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