कर मामले में सुलह की बात पर दुविधा में है वोडाफोन: चिदंबरम

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Tuesday, February 18, 2014-4:39 PM

नई दिल्ली: ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आयकर विभाग के साथ कर विवाद को बातचीत से सुलझाने के मुद्दे पर अपना मन पक्का नहीं कर सकी हैै और अब इस मामले में उसे नोटिस भेजने का निर्णय राजस्व विभाग को करना है। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आज यह बात कही। वित्त मंत्रालय वोडाफोन से समझौते की बातचीत का प्रस्ताव वापस लेने के बारे में कैबिनेट नोट जारी कर चुका है। वोडाफोन के साथ 20,000 करोड़ रुपए के कर विवाद को आपसी सहमति से निपटाने की पेशकश करने के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद कदम बढाया गया था।

चिदंबरम ने कहा ‘‘वोडाफोन के खुद के शब्दों में, वे इस बारे में निश्चय पर नहीं पहुंच सके हैं ले पा रहे हैं कि इस मुद्दे के समाधान के लिए आगे बढ़ा जाए अथवा नहीं। सुलह सफाई पर बातचीत शुरू ही नहीं हो पाई।’’ केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने जून 2013 में वित्त मंत्रालय के कंपनी के साथ समाधान निकालने के लिए बातचीत का प्रस्ताव मंजूर किया था। यह विवाद वर्ष 2007 में हचिसन एस्सार में हचिसन व्हाम्पोआ की हिस्सेदारी के अधिग्रहण में शेयरों पर पूंजीगत लाभ पर कर से जुड़ा है।

वर्ष 2007 में हुए इस सौदे के पर मूल कर मांग 7,990 करोड़ रुपए की है, जबकि बकाया राशि में इतनी ही राशि का जुर्माना और ब्याज शामिल करते हुए यह राशि 20,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। उन्होंने कहा ‘‘नया नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं है नोटिस पहले से ही वहां है।’’ अब यह कर विभाग पर निर्भर करता है कि नोटिस पर आगे क्या कारवाई होनी चाहिए। वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स बीवी ने कर विवाद मामले में पिछले महीने ही सरकार को द्विपक्षीय निवेश संवर्धन और सुरक्षा समझौते (बीआईपीए) के तहत एक अनुपूरक नोटिस भेजा है। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने आपसी सहमति की बातचीत का प्रस्ताव वापस लेने का फैसला किया।


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