सरकार की सख्ती के बावजूद 975 टन सोना आया

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Tuesday, February 18, 2014-4:56 PM

मुंबई: सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए किए कठोर उपायो के बावजूद वर्ष 2013 में देश में इसकी मांग 13 प्रतिशत बढकर 975 टन पर पहुंच गई लेकिन चीन ने भारत से दुनिया का सबसे बडा स्वर्ण उपभोक्ता का ताज छीन लिया। विश्व स्वर्ण परिषद की आज यहां जारी रिपोर्ट के मुताबिक इसके आयात को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से आयात शुल्क को बढाकर 10 प्रतिशत किए जाने से वर्ष 2013 की दूसरी छमाही से सोने की मांग में कमी आई लेकिन पहली छमाही के अप्रैल में कीमत में गिरावट आने से इसकी मांग में बढोतरी हुई थी जिससे वाॢषक आधार पर इसमें बढोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2012 में 864 टन सोना भारत आया था।

रिपोर्ट के अनुसार आलोच्य अवधि में देश में अभूषणों की मांग 11 प्रतिशत की बढोतरी के साथ 612.7 टन पर पहुंच गई जिसकी कुल कीमत 161750.6 करोड़ रुपए है जबकि वर्ष 2012 में 552 टन या 158359.1 करोड रुपए रही थी। इस दौरान निवेश के लिहाज से सोने की मांग इसके पिछले वर्ष के 312.2 टन की तुलना में 16 प्रतिशत की बढत के साथ 362.1 टन रही है। वर्ष 2012 में 90184.6 करोड रुपए सोने में निवेश किया गया था जो वर्ष 2013 में बढकर 95460.8 करोड रुपए पर पहुंच गया। इस दौरान परिशोधित सोने की मांग 113 टन से 10.79 प्रतिशत घटकर 100.8 टन रह गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सोने की आयात में वृद्धि दर्ज किए जाने के बावजूद चीन ने इस मामले में भारत को पछाड दिया है और वह दुनिया का सबसे बडा स्वर्ण उपभोक्ता बन गया है। वर्ष 2013 में चीन में सोने की मांग 32 प्रतिशत बढकर 1066 टन पर पहुंच गई।


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