अंबानी के लिए 2016 तक प्रशासकीय समस्याएं बढ़ेंगी

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Tuesday, February 18, 2014-5:19 PM

जालंधर: आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते समय रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और पैट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली व पूर्व मंत्री मुरली देवड़ा के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवाकर उनसे सीधी टक्कर ली। अंबानी पर तो पहली बार भारत में किसी सरकार ने एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है। कनाडा के ज्योतिषी प्रो. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि मुकेश का जन्म 19 अप्रैल 1957 को यमन देश के ऐडन शहर में कन्या लग्न में हुआ था। जन्म के समय चंद्रमा केतु के मूला नक्षत्र में था। उन्होंने कहा कि जन्म नक्षत्र स्वामी चंद्रमा की स्थिति लग्न, नवमांश तथा दशमांश में शुभ है।


उन्होंने कहा कि लग्नेश बुध योग कारक ग्रह शुक्र, सूर्य और केतु से युक्त होकर 8वें भाव में है जिस कारण मुकेश अंबानी को पिता से अथाह पैतृक धन प्राप्त हुआ। 8वां भाव पैतृक सम्पत्ति दिलाने में सहायक होता है। 8वें भाव में बैठे 4 ग्रहों पर बृहस्पति की दृष्टि के कारण इनकी आर्थिक स्थिति बहुत प्रबल है। धन की स्थिति के लिए दूसरा और 11वां भाव तथा उनके स्वामियों की स्थिति देखी जाती है। दूसरे भाव में राहू बैठा है तथा दूसरे का स्वामी शुक्र 8वें भाव में है। 11वें भाव का स्वामी बृहस्पति से दृष्ट होकर चौथे भाव में है। उन्होंने कहा कि दूसरे भाव में राहू की नैपच्यून के साथ युति के कारण इनके परिवार में विभाजन हुआ क्योंकि दूसरा घर परिवार का होता है तथा राहू परिवार में अलगाव पैदा करता है।

उन्होंने कहा कि गोचर में शनि जन्म के उच्च के सूर्य, लग्नेश बुध तथा अंतर्दशा स्वामी शुक्र के सामने से संचार कर रहा है। शनि की 4 ग्रहों पर दृष्टि घातक है जिस कारण शासन से इनका टकराव 2 नवम्बर 2014 तक बना रहेगा। इनके स्वास्थ्य में गिरावट आने की आशंका है। 22 दिसम्बर 2016 तक समय बहुत अशुभ रहेगा। अचानक उलझनें, कठिनाइयां तथा चुनौतियां पेश होंगी। कम्पनी के शेयरों में गिरावट आएगी। 19 जून 2014 को जब बृहस्पति गोचर में कर्क राशि में संचार करेगा तो स्थिति कुछ संभल सकती है।

शासन के जिन नेताओं, मंत्रियों व अधिकारियों से मुकेश सहायता की उम्मीद करेंगे, शनि उन नेताओं, मंत्रियों व अधिकारियों को झटका देगा जिस कारण वह मदद करने में असहाय रहेंगे। न्यायालय से भी कुछ समस्याएं पैदा होंगी। व्यापार भी प्रभावित होगा। परिवार में भी कुछ समस्या पैदा हो सकती है।


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