सुब्रत राय को व्यक्तिगत पेशी से छूट नहीं मिली, न्यायालय में आज होंगे पेश

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Wednesday, February 26, 2014-10:33 AM

नई दिल्ली: सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय को निवेशकों का 20 करोड़ रुपए लौटाने में विफल रहने के मामले में आज उच्चतम न्यायालय में पेश होना ही पड़ेगा क्योंकि न्यायालय ने व्यक्तिगत पेशी से बचने के उनके अंतिम प्रयास पर पानी फेरते हुस् इस संबंध में उनका अनुरोध आज अस्वीकार कर दिया। न्यामयूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जे एस खेहड़ की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि ‘कानून का शासन’ बनाए रखना होगा और राय को 20 फरवरी के उसके आदेश पर अमल करना होगा

जिसमें उन्हें कंपनियों के तीन अन्य निदेशकों के साथ पेश होने के लिए समन किया गया है। न्यायाधीशों ने सहारा प्रमुख की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के इस अनुरोध से असहमति व्यक्त की कि उनके मुवक्किल को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी जाए और वह न्यायालय के निर्देशानुसार धन का भुगतान करेंगे। जेठमलानी ने जब इस बारे में उल्लेख किया तो न्यायाधीशों ने कहा कि कानून का शासन बनाए रहना चाहिए और न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन होना चाहिए।

न्यायलाय ने न्यायिक आदेशों के बावजूद निवेशकों को 20 हजार करोड़ रुपए नहीं लौटाए जाने के मामले में 20 फरवरी को सहारा समूह को आड़े हाथ लिया था और सुब्रत राय के साथ ही रवि शंकर दुबे, अशोक राय चौधरी और वंदना भार्गव को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए सम्मन जारी किए थे। ये तीनों सहारा इंडिया रियल इस्टेट कार्प लि और सहारा इंडिया हाउसिंग इन्वेस्टमेन्ट कार्प लि के निदेशक हैं। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा था कि 20 हजार करोड़ रुपए की वसूली के लिए सेबी को सौपे गए समूह की उन संपत्तियों को उसे बेच देना चाहिए जिनके बिक्री विलेख उसे सौंपे गए हैं।


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