सेबी-सहारा प्रकरण: बड़ी-बड़ी राशि, सीधे-सादे नामों की कथा

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Friday, February 28, 2014-5:47 PM

नई दिल्ली: किसी रोशन लाल की तरफ से चार साल, चार महीने पहले दर्ज कराई गयी सीधी-सादी सी दिखने वाली शिकायत सहारा समूह के विरद्ध एक बड़ा मामला बन गया। इसी शिकायत के आधार पर पूंजी बाजार नियामक सेबी ने समूह की कंपनियों द्वारा तीन करोड़ निवेशकों से इकट्ठा 24,000 करोड़ रपए से अधिक राशि के मामले में विभिन्न गड़बडिय़ों की जांच शुरू की। लम्बे समय से सुर्खियों में रही इस कहानी में अनेक नाटकीय मोड़ आए।

इस कहानी में आज एक बड़ी घटना आज हुई जबकि सहारा समूह के ठसकदार प्रमुख सुब्रत राय को गिरफ्तार कर लिया गया। राय अपने आपको सहारा के कारोबारी साम्राज्य का ‘‘ प्रबंध कर्मचारी ’’ कहते हैं। सहारा समूह ने इस कहानी को कई बार भावनात्मक धार देने के प्रयास किए।  समूह ने अपनी नेट वर्थ (निवल मूल्य) 68,000 करेाड़ रपए से अधिक और परिसंपत्ति 1.5 लाख करोड़ रपए होने का दावा किया है।

सेबी-सहारा मामले में विशाल आंकड़े जुड़े हैं-समलन तीन करोड़ निवेशक,  24,000 करोड़ रपए से अधिक का संग्रह आदि आदि..। मामले के दौरान सहारा ने एक बार मुंबई में सेबी के मुख्यालय पर 127 ट्रकों में 31,669 गत्ते के डब्बों में भरे दस्तावेज भेज दिए। बताया गया कि यह तीन करोड़ निवेशकों के आवेदन फार्म और दो करोड़ प्रतिदान (रीडेंप्शन) वाउचर हैं। मुंबई के बाहरी इलाके नियामक के दफ्तर के बाहर इतने ट्रकों के एक साथ खड़े होने से आस पास भारी-भरकम टै्रफिक जाम लग गया था। 

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