सरकारी बैंकों के लिए एनपीए बहुत बड़ी चिंता: चिदंबरम

  • सरकारी बैंकों के लिए एनपीए बहुत बड़ी चिंता: चिदंबरम
You Are HereBusiness
Wednesday, March 05, 2014-3:24 PM

नई दिल्ली: वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकारी बैंकों के लिए बढ़ती गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) को सबसे बड़ी चिंता बताते हुए आज कहा कि चालू वित्त वर्ष के अंत में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में एनपीए में बढ़ोतरी हो सकती है। चिदंबरम ने सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैंकों के तिमाही उपलब्धियों की समीक्षा के बाद संवाददाताओं से कहा कि बैंकों के लिए एनपीए सबसे बड़ी चिंता का विषय है। एनपीए और एसेट क्वालिटी में सुधार पर बड़े पैमाने पर काम किया गया है।

बैंकों से कमजोर सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है। करपोरेट सेक्टर में बैंकों के सबसे ज्यादा एनपीए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों की मध्यम उद्योग ऋण वृद्धि ऋणात्मक है, लेकिन सरकारी बैंकों के कृषि ऋण वृद्धि संतोषजनक है। अप्रैल-दिसंबर में सरकारी बैंकों को अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध कराई गई है और आगे भी इन बैंकों को सरकार अतिरिक्त पूंजी देगी। अप्रैल-दिसंबर में 18833 करोड़ रुपए के एनपीए की रिकवरी हुई है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You