Ranbaxy ने अमेरिकी बाजार से हटाई लिपिटोर की बड़ी खेप

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Sunday, March 09, 2014-11:13 AM

मुंबई: अमेरिकी नियामकों द्वारा गुणवत्ता को लेकर की जा रही सख्ती के बीच भारतीय दवा कंपनी रैनबैक्सी को अमेरिकी बाजार से अपनी जेनरिक दवा लिपिटोर की 64 हजार शीशियां हटानी पड़ी है। लिपिटोर क्लोस्ट्रोल घटाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है। अमेरिकी खाद्य एंव औषधि प्रशासन (एफडीए) की वेबसाइट पर दी गई खबर के अनुसार लिपिटोर में डोज की मिलावट की शिकायत मिली थी।

लिपिटोर के 10 मिलीग्राम वाले टैबलेटों की सील बंद शीशी कें अदंर 20 मिलीग्राम के टैबलेट पाए गए। रैनबैक्सी ने अमेरिकी दवा बाजार से ऐसी 64 हजार शीशियां हटाए जाने की खबर की पुष्टि की है। अमेरिकी औषधि नियामकों की सख्ती की वजह से कंपनी को भारत में स्थित अपने कयी संयंत्रों से दवाओं का निर्यात भी रोकना पड़ा है।

एफ्डीए ने रैनबैक्सी और वोकहार्ड जैसी बडी दवा कंपनियों के भारतीय संयंत्रों में उत्पादन प्रक्रिया में गुणवत्ता खामी का हवाला देकर यहां बनने वाली दवाओं के अमेरिका में बेचे जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है जो भारत के 14 अरब डालर के दवा उद्योग के लिए काफी चिंता का विषय बना चुका है। अमेरिका में इस्तेमाल की जाने वाली जेनरिक दवाओं में से 40 फ्सीदी का उत्पादन रैनबैक्सी, वोकहार्ड और रेड्डीज लैब जैसी दिग्गज भारतीय दवा कंपनियों द्वारा किया जाता है।


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