'सरकारी अधिकारियों के लिए भय का माहौल पैदा न करें'

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Thursday, March 20, 2014-3:46 PM

नई दिल्ली: सेबी के पूर्व प्रमुख सीबी भावे के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू किए जाने उत्पन्न विवाद के एचडीएफसी प्रमुख दीपक पारेख ने कहा है कि यदि ऐसे निष्ठावान अधिकारियों को प्रताडि़त किया जाता है तो नौकरशाहों पर फैसला नहीं लेने का आरोप नहीं लगना चाहिए। पारेख ने प्रेट्र से फोन पर कहा ‘‘यदि इस तरह डर बिठाया जाएगा या बरसों बाद ऐसी यातना से गुजरना होगा तो कोई भी अधिकारी किसी तरह का फैसला क्यों करेगा।’’

भावे को एक निष्ठावान व्यक्ति करार देते हुए पारेख ने कहा ‘‘यदि ऐसे खरे व्यक्ति को भी इस तरह प्रताडि़त किया जाता है तो आप नौकरशाहों पर फैसला नहीं करने का आरोप कैसे लगा सकते हैं।’’ ये टिप्पणियां ऐसे वक्त आई हैं जबकि हाल के समय में कुछ वित्तीय घोटालों के सामने आने के बाद अधिकारियों के स्तर पर निर्णय नहीं किए जाने या नौकरशाही के काम में ढीलेपन की शिकातें उठ रही है।

सीबीआई ने 2008 में एमसीएक्स स्टाक एक्सचेंज को लाइसेंस देने के संबंध में कथित अनियमितताओं के आरोप में भावे व उनके समय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के एम अब्राहम और अन्य के खिलाफ आरंभिक जांच (पीई) दर्ज की है। ऐसी कार्रवाई का नौकरशाही और खास कर वित्तीय बाजार जैसे जटिल क्षेत्रों के बारे में नियामकीय फैसलों पर असर के बारे में पूछे जाने पर पारेख ने कहा ‘‘यदि ऐसा होता है तो कोई नौकरशाह या बैंक का अध्यक्ष फैसले क्यों लेगा।’’
 


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