RBI की मौद्रिक नीति का ऐलान, ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं

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Tuesday, April 01, 2014-1:09 PM

मुंबई: रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज बाजार को चौंकाने वाला कोई कदम नहीं उठाया और खुदरा मुद्रास्फीति के उच्चस्तर पर बने रहने के कारण उन्होंने उम्मीद के अनुरूप बैंक की अल्पकालिक ऋण दर रेपो में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि, बैंकिंग तंत्र में नकदी प्रवाह बढ़ाने और मुद्रा बाजार में उतार-चढाव को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

रिजर्व बैंक ने अब हर दो महीने में मौद्रिक नीति की समीक्षा का सिलसिला शुरू किया है। राजन ने आज पहली द्वैमासिक मौद्रिक नीति जारी की। इसमें अल्पकालिक नीतिगत दर यानी रेपो को 8 प्रतिशत पर और बैंकों का नकद आरक्षित अनुपात 4 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है। लेकिन केन्द्रीय बैंक ने काल मनी दर को घटाकर 0.25 प्रतिशत कर दिया है जबकि 7 दिन और 14 दिन की रेपो सीमा को 0.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया है।

गवर्नर रघुराम राजन ने कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति में नीतिगत दरों को यथावत रखना उचित होगा। सितंबर 2013 और जनवरी 2014 में दरों में की गई वृद्धि को अर्थव्यवस्था में अपना काम करने दिया जाना चाहिए।’’ राजन ने इससे पहले मौद्रिक समीक्षा में दरों को बढ़ाकर बाजार को चौंका दिया था। राजन ने वादा किया है कि यदि मुद्रास्फीति जनवरी 2015 तक 8 प्रतिशत के दायरे में रहती है और उसके बाद एक साल में 6 प्रतिशत नीतिग ब्याज दर वृद्धि नहीं की जाएगी।

मुद्रास्फीति के मुद्दे पर गवर्नर ने कहा कि उन्हें लगता है कि 2014 में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 6 प्रतिशत के नीचे आ जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘खाद्य और ईंधन को छोड़कर खुदरा मुद्रास्फीति 8 प्रतिशत के आसपास डटी हुई है। इससे यह पता चलता है कि अभी भी मांग का कुछ दबाव बना हुआ है।’’ रिजर्व बैंक ने नए वित्त वर्ष 2014-15 के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि को केन्द्र सरकार के अनुमान के अनुरूप 5.5 पर बरकरार रखा है। बैंक ने कहा है कि 2013-14 के दौरान चालू खाते का घाटा जीडीपी के 2 प्रतिशत के आसपास रहेगा।


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