फिर रुलाने को तैयार प्याज!

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Sunday, April 06, 2014-5:10 PM

नई दिल्ली: आने वाले महीनों में प्याज के भाव लोगों के आंसू निकाल सकते हैं। इस वर्ष प्याज के बम्पर उत्पादन की सम्भावना जताई गई थी लेकिन बीते महीने बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल को नुक्सान पहुंचा है। इसके कारण 2 सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में रबी और खरीफ सत्र में होने वाले प्याज के उत्पादन में कमी आने की बात कही जा रही है।

महाराष्ट्र में ही सबसे ज्यादा प्याज का उत्पादन और भंडारण होता है। लिहाजा पैदावार में कमी का असर इसके भंडारण पर भी पडऩे की आशंका है। जून से प्याज खपत की पूॢत भंडारगृहों से होती है। शुरूआती अनुमान के मुताबिक  वर्ष 2013-14 में करीब 190 लाख टन प्याज पैदा होने की उम्मीद थी लेकिन नुक्सान के बाद अब इसमें 7 से 10 प्रतिशत कमी आ सकती है।

राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अनुसार ओले और बारिश से महाराष्ट्र के नासिक, अहमदनगर, पुणे और सोलापुर जिलों में रबी और खरीफ (देर से बोई जाने वाली) सत्र वाली प्याज को नुक्सान हुआ है। हालांकि जानकारों का कहना है कि उत्पादन के नुक्सान से आगे जुलाई में प्याज की कीमतों में तेजी की सम्भावना है।

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