महंगाई के मोर्चे से बुरी खबर, खुदरा महंगाई दर 17 महीने के उच्चतम स्तर पर

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Friday, January 12, 2018-6:29 PM

नई दिल्लीः  महंगाई के मोर्चे पर सरकार को फिर झटका लगा है।दिसंबर में रिटेल महंगाई दर यानि सीपीआई बढ़कर 5.21 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं, नवबंर में रिटेल महंगाई दर 4.88 फीसदी रही थी। खाने-पीने की चीजों की महंगाई में भी आग लगी है। महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में खाद्य महंगाई दर 4.42 फीसदी से बढ़कर 4.96 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में शहरी इलाकों की महंगाई दर 7.36 फीसदी से बढ़कर 8.25 फीसदी रही है। सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) की ओर से शुक्रवार को यह आंकड़े जारी किए गए। सब्जियों में सबसे ज्‍यादा महंगाई दर्ज की गई है। 

महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में दालों की महंगाई दर -23.53 फीसदी के मुकाबले -23.47 फीसदी रही है। दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 22.48 फीसदी से बढ़कर 29.13 फीसदी पर रही है। हालांकि फ्यूल, बिजली की महंगाई दर में किसी कोई बदलाव नहीं हुआ है। महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में फ्यूल, बिजली की महंगाई दर में 7.9 फीसदी पर बरकरार रही है। महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में कपड़ों और जूतों की महंगाई दर 4.96 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी रही है।

इंडस्ट्री ने पकड़ी रफ्तार
नवंबर में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP)  की ग्रोथ ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। यह अपने 25 महीनों के टॉप 8.4 फीसदी पर पहुंच गई है। अक्टूबर में आईआईपी 2.2 फीसदी पर गई थी जो 3 महीने के निचला स्तर था। वहीं, सितबंर में  यह ग्रोथ 4.14 फीसदी रही थी। सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस द्वारा जारी यह आंकड़े जारी किए गए हैं। मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ पिछले साल की समान अवधि के तुलना में 10.2 फीसदी रही है।

पिछले साल नवंबर की तुलना की तुलना में इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन में ग्रोथ 3.9 फीसदी रही है। सालाना आधार पर कैपिटल गुड्स प्रोडक्शन 9.4 फीसदी बढ़ा है। प्राइमरी गुड्स प्रोडक्शन में 3.2 फीसदी ग्रोथ रही है। इंफ्रा और कंस्‍ट्रक्शन में 13.5 फीसदी ग्रोथ रही है। 

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